बढ़ती गर्मी का असर: पुणे के बांधों में तेजी से गिरा जल भंडार, जल संकट की आशंका
Khadakwasla Dam Water Status: गर्मी बढ़ते ही खड़कवासला बांध श्रृंखला का जलस्तर तेजी से घट रहा है। एक महीने में 3.50 TMC पानी कम हुआ है, हालांकि पिछले साल के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर बताई जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Summer Water Crisis Latest Update : भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पुणे शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली खड़कवासला बांध श्रृंखला के जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान में इन बांधों में कुल 49.84 प्रतिशत जल भंडार शेष है, जो आने वाले महीनों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो बढ़ती गर्मी और वाष्पीकरण के कारण लगभग 3.50 टीएमसी पानी की कमी दर्ज की गई है। 27 फरवरी को जहां जल भंडार 17.96 टीएमसी था, वह अब घटकर 14.53 टीएमसी रह गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग 1 टीएमसी अधिक पानी उपलब्ध है।
जल आपूर्ति का नियोजन पूरा
पुणे महानगर पालिका ने शहर और जिले की लगभग एक करोड़ आबादी के लिए जुलाई तक पेयजल आपूर्ति का नियोजन पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान जल भंडार को ध्यान में रखते हुए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि गर्मी के मौसम में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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नहर टूटने से बाधित आपूर्ति
मगरपट्टा क्षेत्र के पास नहर फटने के कारण फिलहाल कृषि के लिए जल आपूर्ति बाधित हो गई है। इससे आसपास के किसानों को अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है और अगले दो दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा।
किसानों को मिलेगी राहत
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ग्रीष्मकालीन आवर्तन शुरू किया जाएगा। इससे दौंड, हवेली और इंदापुर क्षेत्र की लगभग 66 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी मिल सकेगा। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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बांधों में वर्तमान जल स्थिति
वर्तमान में टेमघर बांध में 14.99 प्रतिशत, पानशेत बांध में 61.32 प्रतिशत और वरसगांव बांध में 51.21 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल प्रबंधन को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
