अजित पवार और शरद पवार (सौ. फाइल फोटो)
Pune News In Hindi: पुणे महानगर पालिका चुनाव के परिणामों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के उस दावे को ध्वस्त कर दिया है, जिसमें उपनगरों और नए शामिल गांवों को उनका गढ़ माना जाता था।
इन क्षेत्रों में भाजपा ने ऐसी जोरदार सेंधमारी की है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस का आधार ही खिसक गया है। आंकड़ों के मुताबिक, उपनगरों की कुल 96 सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर रिकॉर्ड जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस को महज 9-9 सीटों पर सिमटना पड़ा है।
पुणे की सीमा से सटे इन इलाको में मराठा और बहुजन समाज की बड़ी आबादी रहती है, जो पारंपरिक रूप से पवार परिवार की समर्थक रही है। हालांकि, भाजपा ने पिछले कुछ वर्षों में यहां बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम किया, चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने विपक्षी दलों के कई ‘जिताऊ चेहरों को पार्टी में शामिल किया, जिसका सीधा लाभ उसे नतीजों में मिला। नगर रोड, लोहगांव, खराडी और वाघोली जैसे क्षेत्रों की 23 सीटों में से 16 पर भाजपा ने जीत दर्ज की।
ये भी पढ़ें :- Vile Parle: दिनदहाड़े दो साल की बच्ची को उठाने का प्रयास, आरोपी पकड़ा गया
हैरानी की बात यह रही कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के शहराध्यक्ष सुनील टिंगरे के कार्यक्षेत्र वडगांव शेरी में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। यहां शरद पवार गुट और अजीत पवार गुट, दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस कठिन लहर के बावजूद रेखा टिंगरे ने अपनी सीट बचाकर पार्टी की साख बचाने का प्रयास किया।