पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा परिसर में लगी आग (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Shaniwar Wada Fire News: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल शनिवारवाड़ा के पास गुरुवार दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिसने प्रशासन और नागरिकों की सांसें अटका दीं। शनिवारवाड़ा की प्राचीर से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित देसाई कॉलेज के सामने भीषण आग लग गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सूखे पत्ते, पेड़ों की टहनियां और कचरा जमा था। दोपहर की चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच इस ढेर में अचानक चिंगारी भड़की, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि आसपास के पूरे इलाके में धुएं का काला गुबार छा गया।
चूंकि आग देसाई कॉलेज के ठीक सामने लगी थी, इसलिए क्लास में मौजूद छात्रों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों को डर था कि कहीं आग की लपटें कॉलेज की इमारत या शनिवारवाड़ा की ऐतिहासिक दीवारों तक न पहुंच जाएं। शनिवारवाड़ा न केवल एक पर्यटन स्थल है, बल्कि पुणे की पहचान का केंद्र भी है, जिससे लोगों की भावनाएं और चिंताएं जुड़ी हुई हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने तुरंत पुणे अग्निशमन दल को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पेशेवर कुशलता दिखाते हुए पानी की बौछारें शुरू कीं और महज कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
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प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे लंबे समय से सूखे पत्तों और कचरे का निस्तारण नहीं किया गया था। चिलचिलाती गर्मी में यह सूखा कचरा ‘ईंधन’ का काम कर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही ऐतिहासिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचा। हालांकि, नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।