ईरान-इजरायल युद्ध का असर: क्या बढ़ेंगे ड्राई फ्रूट और मसालों के दाम? जानें नवी मुंबई APMC मार्केट का ताजा हाल

Dry Fruit Stock India: ईरान-इजरायल तनाव के बीच नवी मुंबई APMC में ड्राई फ्रूट्स और मसालों की स्थिति पर व्यापारियों का बड़ा बयान। जानें क्या आपकी रसोई का बजट बिगड़ने वाला है या स्टॉक है बरकरार।
Iran Israel War Impact On Dry Fruits
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Published on: 
Updated on: 

Iran Israel War Impact On Dry Fruits: ईरान के साथ चल रहे इजरायल और अमेरिका के युद्ध की वजह से भारत से खाड़ी देशों में निर्यात की जाने वाली सब्जियों और फलों का निर्यात बंद हो गया है। जिसकी वजह से नवी मुंबई स्थित एपीएमसी के सब्जी और फल बाजार में भारी मात्रा में सब्जियां और फल उपलब्ध हैं।

इस युद्ध की वजह से नवी मुंबई स्थित एपीएमसी के मसाला मार्केट में ईरान के रास्ते आने वाले ड्राई फ्रूट की आवक पर भी असर हुआ है। जिसके बारे में पूछने पर मसाला मार्केट में कारोबार कर रहे व्यापारियों ने नवभारत को बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले ही एपीएमसी में कारोबार कर रहे व्यापारियों के पास ड्राई फ्रूट का भारी स्टॉक पड़ा हुआ है। इसके अलावा अमेरिका और अफ्रीका से आने वाले ड्राई फ्रूट का रास्ता खुला हुआ है। इसलिए ग्राहकों को ड्राई फ्रूट और मसालों के बारे में टेंशन लेने की जरूरत नहीं हैं।

नवी मुंबई एपीएमसी के संचालक एवं ड्राई फ्रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय भुता ने नवभारत को बताया कि खाड़ी देशों से फारस की खाड़ी से निकलकर जहाजें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होते हुए अरब सागर के रास्ते नवी मुंबई स्थित जेएनपीटी बंदरगाह पर आती थीं। युद्ध की वजह से यह मार्ग बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले इस मार्ग से जेएनपीटी आने वाली 8 जहाजें वार जोन से बाहर आ गई थी, जिसमें से एक जहाज 309 कंटेनर ड्राई फ्रूट और अन्य सामग्री लेकर जेएनपीटी आ गया है, जहां से कंटेनरों को रिलीज किया जा रहा है। शेष 7 जहाज कुछ दिनों में एक-एक कर के जेएनपीटी बंदरगाह पर आ जाएगी।

गीले और सूखे खजूर का है बंपर स्टॉक

उन्होंने बताया कि उक्त मार्ग बंद है, लेकिन दूसरा मार्ग खुला है, यह मार्ग हिंद महासागर, स्वेज नहर, लाल सागर और केप ऑफ गुड होप (दक्षिण अफ्रीका) का मार्ग है, इस मार्ग से अमेरिका और अफ्रीका से ड्राई फ्रूट आ रहा है। विजय भुता ने नवभारत को बताया कि एपीएमसी में कारोबार कर रहे व्याधारियों के पास गीले और सूखे खजूर का बंपर स्टॉक है, वह स्टॉक एक साल तक चलने वाला है। उन्होंने बताया कि ईरान और अफगानिस्तान से पिस्ता, ममरा बादाम, अंजीर, अखरोट, चिलगोजा आदि आता है। युद्ध की वजह से इनकी कीमत में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अमेरिका और अफ्रीका से आने वाले ड्राई फ्रूट की कीमत में कोई इजाफा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि शादी और घरेलू मसाले बनाने का सीजन आ गया है, जिसे देखते हुए एसोसिएशन द्वारा व्यापारियों से ड्राई फ्रूट और मसालों की कीमत नहीं बढ़ाने की अपील की गई है।

जीरा, हल्दी, धनिया की नई फसल तैयार

वाशी स्थित एपीएमसी की मसाला मार्केट में कारोबार कर रहे भाजपा व्यापारी मंडल नवी मुंबई के जिलाध्यक्ष अमरीश बारोट ने बताया कि मसालों के कारोबार पर युद्ध का असर नहीं हुआ है। क्योंकि अधिकांश मसालों का उत्पादन भारत में ही होता है। निर्यात पर असर जरूर हुआ है। युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में मसालों का निर्यात बंद हो गया है। जीरा, हल्दी, और धनिया की नई फसल तैयार हो गई है। मार्च के अंत तक एपीएमसी में इनकी आवक शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बारिश से मिर्च की फलस तो नुकसान हुआ है। इस कारण से इसकी कीमत में वृद्धि हुई है। मौजूदा समय में चीन, मलेशिया और थाईलैंड में मसालों का निर्यात जारी है।

ड्राई फ्रूट एसोसिएशन नवी मुंबई के अध्यक्ष विजय भुता ने बताया कि भारत के नागरिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। एपीएमसी में ड्राई फ्रूट की कोई कमी नहीं है। थोक में हमेशा की तरह ही इसकी कमीत है। लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, यही अपील है।

नवी मुंबई जिला भाजपा व्यापारी मंडल के अध्यक्ष अमरीश बारोट ने कहा कि ज्यादा बारिश होने की वजह से मिर्च की फसल को नुकसान हुआ है, जिसकी वजह से इसकी कीमत बढ़ी है। बाकी मसालों की कीमत बोक में स्थिर हैं। अफवाहों पर ध्यान न देकर ग्राहकों को एपीएमसी की मसाला मार्केट में आकर इसकी पुष्टि करनी चाहिए।