पुणे में शिक्षा अधिकार कानून पर सियासी संग्राम, 25% आरक्षित सीटों की प्रक्रिया पर सवाल
Pune RTE Admissions: पुणे में आरटीई के तहत 25% आरक्षित सीटों पर प्रवेश विवादों में है। घर-स्कूल दूरी 1 किमी सीमित करने के फैसले को आप ने असंवैधानिक बताते हुए विरोध जताया।
- Written By: अंकिता पटेल
Pune RTE Admissions ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune RTE 25 Percent Quota: पुणे शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को 25% आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। राज्य सरकार द्वारा घर से स्कूल की दूरी को केवल एक किलोमीटर तक सीमित करने के नए फैसले को आम आदमी पार्टी (आप) ने अवैध और असंवैधानिक करार दिया है।
पुणे में आयोजित एक पत्रकार परिषद में ‘आप’ के राज्य प्रवक्ता मुकुंद किर्दत ने आरोप लगाया कि यह शर्त कानून की मूल भावना के खिलाफ है। वर्ष 2025-26 में राज्य में 1,09,102 आरक्षित सीटें उपलब्ध थीं, जिनमें से 88,182 सीटों पर ही प्रवेश हुआ। पहले ही लगभग 20 प्रतिशत सीटें खाली रहीं।
35% सीटें खाली, पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग
किर्देत ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केंद्र सरकार इस योजना के लिए 60%, फंड देती है, लेकिन राज्य सरकार की नई शर्तों के कारण इस वर्ष 35% सीटें खाली रह सकती है।
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पहले के प्रावधानों के अनुसार, 1 किमी के दायरे के बाद 3 किमी तक के बच्चों को मौका मिलता था। पिछले सत्र में 15,706 बच्चों को 1 किमी से अधिक की दूरी पर प्रवेश मिला था।
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नई शर्त के कारण अब संभव नहीं होगा। पत्रकार परिषद में श्रीकांत भिसे, राहुल तिवारी, गणेश खैगरे और राजू देवकर सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की कि सरकार इस शर्त को तुरंत चापस ले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो हजारों गरीब बच्चे शिक्षा के अधिकार से बंचित रह जाएंगे।
