पुणे मनपा में होर्डिंग शुल्क बढ़ोतरी पर यू-टर्न, कांग्रेस ने मांगा जवाब; पहली बैठक में प्रस्ताव वापस
Pune Municipal Corporation: पुणे मनपा में होर्डिंग लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव पहली आमसभा में ही वापस लेना पड़ा। कांग्रेस ने दरों में बदलाव पर प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा।
- Written By: अंकिता पटेल
पुणे मनपा में होर्डिंग लाइसेंस शुल्क ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Hoarding License Fee: पुणे शहर में विज्ञापन होर्डिंग के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पुणे महानगर पालिका की पहली ही जनरल बॉडी मीटिंग (आम सभा) में वापस लेने की नौबत प्रशासन पर आ गई।
प्रशासन ने उप-सूचना देकर इन प्रस्तावों को वापस लेने का अनुरोध सदन से किया था, जिसे मंजूरी तो दे दी गई, लेकिन इस पर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। प्रशासन की इस भूमिका पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस ने प्रस्ताव वापस लेने के कारणों का स्पष्टीकरण मांगा है।
कांग्रेस सदस्यों ने प्रशासन को दो टूक सुनाया कि कोर्ट द्वारा निर्धारित दरों और पहले से प्रस्तावित दरों में कटौती कर कोई भी नया या कमजोर प्रस्ताव लाना उचित नहीं है। लेकिन गंभीर आपत्तियों के बावजूद मनपा आयुक्त ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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गौरतलब है कि मनपा के राजस्व में वृद्धि करने और सड़कों व फुटपाथों पर अवैध रूप से लगाए जा रहे होर्डिंग्स पर नकेल कसने के उद्देश्य से प्रशासन ने विज्ञापन शुल्क में भारी बढ़ोतरी का सुझाव दिया था।
वर्तमान में विज्ञापन शुल्क 222 रुपये प्रति वर्ग फुट है, जिसे बढ़ाकर 580 से 700 रुपये प्रति वर्ग फुट करने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रशासन के पहले प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 तक 580 रुपये की दर लागू की जानी थी।
आयुक्त को यह स्पष्ट करना चाहिए कि तकनीकी अड़चन आखिर क्या है। विज्ञापन होर्डिंग की दरों के लिए उच्च न्यायालय ने 580, 640 और 700 रुपये की दरों को मंजूरी दी है। इसलिए प्रस्ताव में संशोधन करते समय कोर्ट के निर्णय के अधीन रहना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त कोई बदलाव करने का अधिकार प्रशासन को नहीं है। बावजूद इसके, प्रस्ताव वापस लेने को मंजूरी दे दी गई।
– कांग्रेस, नगरसेवक, अरविंद शिंदे
विज्ञापन होर्डिंग शुल्क बढ़ोतरी के प्रावधान
था। दूसरे प्रस्ताव में वर्ष 2026 से 2029 तक के लिए 700 रुपये की दर निर्धारित करने का प्रावधान लेकिन सदन में तकनीकी और प्रशासनिक संशोधनों की जरूरत बताकर इन दोनों प्रस्तावों को वापस ले लिया गया।
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इस बीच, शहर में अवैध चोर्ड, बैनर और फ्लेक्स पर लगने वाले जुर्माने को बढ़ाने का प्रस्ताव बिना किसी बर्चा के अगले महीने के लिए टाल दिया गया। वर्तमान में अवैध फ्लेक्स के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना और अवैध होर्डिंग हटाने के लिए 50,000 रुपये का शुल्क लिया जाता है, नए प्रस्ताव में इस जुर्माने को बढ़ाकर 10,000 रुपये और निष्कासन शुल्क को 2 लाख करने का कड़ा प्रावधान है।
