पुलिस सुनती तो जिंदा होता अक्षय…, पुणे जहरीली शराब कांड में फूटा पीड़ित परिवारों का गुस्सा, मिलीभगत के आरोप
Pune Poisonous Liquor Tragedy: महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब से हुई मौत से हड़कंप मचा हुआ है। इस कांड में 28 वर्षीय अक्षय और दो सगे भाइयों सहित 13 की मौत। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
- Written By: अनिल सिंह
पुणे जहरीली शराब कांड में छलका परिवार का दर्द (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Poisonous Liquor Tragedy Akshay Avsarmal Death: देश और राज्य में हर कुछ वर्षों में जहरीली शराब (Hooch Tragedy) के कारण दर्जनों निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस अवैध बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने में लगातार विफल साबित हो रहा है। पुणे के फुगेवाड़ी और हडपसर में सामने आई यह भयावह घटना इसी प्रशासनिक विफलता की एक दर्दनाक पुनरावृत्ति है। हाथ से बनी अवैध शराब की भट्टियों और स्थानीय पुलिस के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों ने अब खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं。
28 साल के अक्षय अवसारमल की असमय मौत ने उनके माता-पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है। अक्षय के परिवार ने रोते हुए बताया कि वे इस जानलेवा शराबखाने के अवैध संचालन को लेकर कई बार पुलिस स्टेशन के चक्कर काट चुके थे। हर बार उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि पुलिस ने अपने दायित्वों को समय पर निभाया होता और इस माफिया नेटवर्क को ध्वस्त किया होता, तो आज अक्षय अपने परिवार के बीच सुरक्षित होता।
राठौड़ परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, दो सगे भाइयों की थमी सांसें
इस जहरीली शराब कांड का सबसे वीभत्स रूप पुणे-मुंबई राजमार्ग पर स्थित फुगेवाड़ी इलाके में देखने को मिला, जहां एक ही परिवार के दो स्तंभ ढह गए। सगे भाई विजय राठौड़ (31 वर्ष) और राजेंद्र राठौड़ (34 वर्ष) ने इसी मिलावटी शराब का सेवन किया था, जिसके बाद दोनों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। दो युवा बेटों की अचानक हुई इस मौत से बूढ़े पिता का स्वास्थ्य अत्यंत चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। पूरा राठौड़ परिवार इस समय गहरे सदमे में है और उन्होंने सरकार से न्याय व मदद की गुहार लगाई है।
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योगेश वानखेड़े ही था दोनों प्रमुख ठिकानों का मुख्य शराब सप्लायर
मामले की तफ्तीश कर रही नासिक और पुणे पुलिस की टीमों ने इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार योगेश वानखेड़े को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी योगेश वानखेड़े ही वह मुख्य सप्लायर था, जो पुणे के इन दोनों सुदूर इलाकों (फुगेवाड़ी और हडपसर) की अवैध दुकानों में बड़े पैमाने पर मिलावटी व मिथेनॉल युक्त शराब की अवैध सप्लाई कर रहा था। पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
‘दोषियों को मिले कड़ी सजा और पीड़ित परिवारों को मिले आर्थिक मदद’
इस पूरे संवेदनशील मामले पर स्थानीय विधायक अन्ना बनसोडे ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मृतकों की संख्या 13 तक पहुंचना बेहद विचलित करने वाला है। उन्होंने पुणे के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले में विस्तृत चर्चा की है। पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कुछ अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की प्रबल संभावना बनी हुई है। विधायक अन्ना बनसोडे ने सरकार से मांग की है कि इस त्रासदी की जड़ तक जाकर कार्रवाई की जाए और अनाथ हो चुके परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
