PMFME स्कीम के तहत पुणे जिले में 250 प्रोजेक्ट्स लागू; 46 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट
Pune News: पुणे में PMFME योजना के तहत 250 प्रोजेक्ट्स शुरू, 46 करोड़ का निवेश और1,000 को रोजगार मिला। डेयरी और मसाला उद्योगों में हवेली तहसील अव्वल। व्यक्तिगत लाभार्थियों को 35% तक अनुदान का प्रावधा।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
PMFME Subsidy Maharashtra News: पुणे जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) गेम चेंजर साबित हो रही है। वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 480 प्रोजेक्ट्स के लक्ष्य के मुकाबले 250 परियोजनाएं सफलतापूर्वक शुरू हो चुकी हैं। इनमें 46 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश हुआ है, जिससे 1,000 लोगों को रोजगार मिला है। वर्तमान में 332 प्रस्ताव बैंक ऋण हेतु प्रक्रियाधीन हैं। योजना के तहत डेयरी, मसाला और बेकरी जैसे उद्योगों को प्राथमिकता मिल रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में बैंकों के माध्यम से 38.39 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जबकि 13.49 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। व्यक्तिगत लाभार्थियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये) अनुदान दिया जाता है। वहीं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बीज पूंजी के रूप में प्रति समूह 4 लाख रुपये तक की सहायता मिल रही है। इसके अतिरिक्त, कुल खर्च का 50 प्रतिशत मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए। तक अनुदान देने का प्रावधान है।
- सफलता दर: 480 के लक्ष्य में से 250 परियोजनाएं संचालित।
- कुल निवेश: 46 करोड़ रुपये।
- वितरित ऋण: 38.39 करोड़ रुपये।
- कुल सब्सिडी: 13.49 करोड़ रुपये (लाभार्थियों के खातों में)।
महिला उद्यमियों को प्राथमिकता
पीएमएफएमई योजना में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और महिला उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त को भी हटा दिया है। इच्छुक लाभार्थियों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से तकनीकी और व्यावसायिक कौशल सिखाया जा रहा है। स्थानीय कच्चे माल की उपलब्धता के आधार पर ही किसान और युवा अपने व्यवसायों का चयन कर रहे हैं।
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हवेली तहसील बना हब, दुग्ध और मसाला उद्योगों का दबदबा
भौगोलिक दृष्टि से देखें तो पुणे शहर से सटे होने और बाजार की सुलभता के कारण हवेली तहसील 67 परियोजनाओं के साथ जिले में सबसे आगे है। इसके बाद दौड (43), बारामती (28) और जुन्नर (27) खेड (21), इंदापुर (16), शिरूर (14), आंबेगांव (11), मावल (7), पुरंदर (7), भोर (5) और मुलशी (4) प्रोजेक्ट्स कार्यरत हैं। उद्योगवार आंकड़ों में दुग्ध प्रसंस्करण (39) सबसे आगे है, जिसके बाद मसाले व पापड़ (33), फल-सब्जी प्रसंस्करण (33), पशु आहार (26), दाल व राइस मिल (24), बेकरी (23), नमकीन (21), गुड़ (18), गेहूं आधारित (10), तिलहन (10) और मिलेट्स (9) का स्थान है। यह योजना स्थानीय कच्चे माल का उपयोग कर ग्रामीण रोजगार को नई दिशा दे रही है।
ग्रामीण स्वरोजगार की नई राह
- इस योजना के तहत किसान अब उद्यमी बन रहे है। व्यक्तिगत लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- इसमें दुग्ध प्रसंस्करण, मसाला उद्योग, बेकरी और पशु आहार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- केंद्र सरकार की इस पहल से न केवल कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन हो रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की भी मजबूती मिल रही है।
कृषि अधिकारी संजय काचोले ने बताया की पीएमएफएमई योजना किसानों को उत्पादक से उद्यमी बना रही है। व्यक्तिगत लाभार्थी ऑनलाइन और संगठन ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य 332 लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी दिलाकर जिले में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करना और कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन करना है।
