पानी टैंकर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pune Water Tanker News: पुणे शहर में पानी की आपूर्ति करने वाले टैंकरों की अनियंत्रित गति और उनके कारण होने वाले जानलेवा हादसों को रोकने के लिए पुणे महानगर पालिका प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके तहत टैंकरों के संचालन हेतु एक विस्तृत मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार की जाएगी, जिससे उनकी प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
इस निर्णय की जानकारी स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने समिति की हालिया बैठक के बाद दी। नगरसेवकों ने शहर की सुरक्षा और जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए, जिनमें टैंकरों की लापरवाही के अलावा अवैध होर्डिंग और भूमि अतिक्रमण जैसे विषय प्रमुख रहे। इन सभी शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए महानगर पालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने त्वरित और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पिछले कुछ समय से पानी के टैंकरों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। हाल के दिनों में टैंकरों की चपेट में आने से तीन मासूम लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए थे। इस स्थिति को सुधारने के लिए मनपा आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अब टैंकरों का संचालन पूरी तरह से नियमबद्ध होगा।
प्रस्तावित एसओपी के अंतर्गत टैंकर चालकों के वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच, उनके प्रतिदिन के फेरों (ट्रिप) का रिकॉर्ड और संचालन की समय सारिणी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी टैंकरों में स्काडा’ (एससीएडीए) सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस तकनीक की मदद से टैंकरो की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे पानी की चोरी और अवैध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
धार्मिक और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देते हुए, आषाढ़ी वारी के दौरान संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी के विश्राम स्थल, भवानी पेठ स्थित पालकी विठोबा मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। मनपा इस क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण कर आधुनिक सुविधाएं विकसित करेगी और पालकी मार्ग की सड़कों की मरम्मत भी कराएगी।
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पुणे शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) और हॉट मिक्स प्लांट्स को रिहायशी इलाकों से बाहर स्थानांतरित करने के कड़े निर्देश दिए गए है, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके। इसके अलावा, मानसून के मद्देनजर शहर को जलजमाव से बचाने के लिए नालों की सफाई के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही, शहर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए पुणे की सीमाओं पर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से भव्य प्रवेशद्वार बनाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में मुंढवा-केशवनगर क्षेत्र में पशुओं के गोठों के स्थानांतरण का मुद्दा भी गरमाया रहा। शहर के मध्यवर्ती इलाकों से गोठों को हटाकर स्थानांतरित करने के लिए जगह तो आवंटित की गई थी, लेकिन कई संचालकों ने अब तक वहां अपनी इकाइयां नहीं बदली हैं।
इसके विपरीत, आवंटित भूमि पर अवैध निर्माण कर उसे बेचने की गंभीर शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। प्रशासन ने इस मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इसी तरह, शहर में बढ़ते अवैध होर्डिंग पर नगरसेविका वैशाली बनकर और कालिंदा पुंडे ने चिंता व्यक्त की। इसके जवाब में स्थायी समिति ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि शहर के सभी अधिकृत और अनधिकृत होर्डिंग का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए और उच्च न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित व्यवसायियों से बकाया शुल्क की वसूली की जाए।