BMC-IIM मुंबई साझेदारी से बदलेगा शहरी प्रशासन, डेटा आधारित नीति और रिसर्च पर जोर
BMC IIM Mumbai Urban Governance: मुंबई के शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी और आईआईएम मुंबई ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत नवाचार पर संयुक्त कार्य होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी आईआईएम मुंबई समझौता ज्ञापन के साथ बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े (सौ. सोशल मीडिया )
BMC IIM Mumbai Urban Governance News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित बनाने की दिशा में बीएमसी और आईआईएम मुंबई ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
दोनों संस्थानों के बीच सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत शहरी प्रशासन, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग किया जाएगा।
इस समझौते पर बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े और आईआईएम मुंबई के निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने हस्ताक्षर किए, समारोह में बीएमसी और आईआईएम मुंबई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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🔹पुराव्याधारित शहरी प्रशासनाला चालना देण्यासाठी बृहन्मुंबई महानगरपालिका आणि भारतीय व्यवस्थापन संस्था मुंबई (Indian Institute of Management Mumbai) यांच्यात शहरी प्रशासन, संशोधन, नव उपक्रम आणि क्षमता विकास या क्षेत्रांमध्ये संस्थात्मक सहकार्याचा पाया रचणारा सामंजस्य करार (Mou) आज… pic.twitter.com/UYlCwWyfNS — माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) May 25, 2026
सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास
एमओयू के तहत आईआईएम मुंबई शहर के सामने मौजूद जटिल चुनौतियों के समाधान के लिए प्रबंधन, डेटा विश्लेषण, सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अध्ययन करेगा। शैक्षणिक विशेषज्ञता और प्रशासनिक अनुभव को एक मंच पर लाकर शहर की नीतियों और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा शहरी प्रशासन, नगर वित्त, बुनियादी ढांचा योजना और सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े विषयों पर संयुक्त शोध किए जाएंगे, जिनके आधार पर नीति संबंधी सुझाव और मार्गदर्शक रिपोर्ट तैयार होंगी। समझौते के तहत बीएमसी अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इनमें शहरी प्रबंधन, भू-स्थानिक अवसंरचना योजना, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), जोखिम प्रबंधन, सार्वजनिक खरीद और अनुबंध प्रबंधन जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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संचालित होंगी परियोजनाएं
- बाढ़ प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे विषयों पर संयुक्त परियोजनाएं भी संचालित की जाएंगी।
- आईआईएम मुंबई के छात्रों को इंटर्नशिप, फील्ड विजिट और वास्तविक परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा, बीएमसी और आईआईएम मुंबई ने संयुक्त रूप से अर्बन इनोवेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेस स्थापित करने की भी परिकल्पना की है। जहां डिजिटल प्रशासन, जलापूर्ति, परिवहन और कचरा प्रबंधन से जुड़े नवीन समाधानों का परीक्षण किया जाएगा।
- अधिकारियों का मानना है कि यह साझेदारी देश में शहरी प्रशासन का एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
