Pune News: 2026 चुनाव से पहले पानी विवाद गहराया, PMC-सिंचाई विभाग आमने-सामने
Pune Municipal Corporation शहर में पानी की आपूर्ति करने के लिए खड़कवासला डैम के पानी का उपयोग करता है। ऐसे में हाल ही में PMC पर सालाना आधार पर 17 टीएमसी ज्यादा पानी लेने का आरोप लगा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: खड़कवासला डैम श्रृंखला से पुणे महानगरपालिका को प्रति वर्ष 11.60 टीएमसी पानी आवंटित है लेकिन महानगरपालिका वास्तव में डैमों से सालाना 17 टीएमसी से अधिक पानी उठा रहा है।
पानी के इस अतिरिक्त उपयोग पर नियंत्रण पाने के लिए महाराष्ट्र जल संपत्ति नियामक आयोग ने महापालिका को साफ शब्दों में निर्देश दिया हैं। आयोग के आदेशों के अनुसार यदि मनपा के पानी उपयोग पर अंकुश नहीं लगता है तो खड़कवासला स्थित जैकवेल पंप हाउस जल सिंचाई विभाग (सिंचाई विभाग) को सौंप दी जाए।
इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को जल सिंचाई विभाग के अधिकारी मनपा आयुक्त नवल किशोर राम से मिलने के लिए पहुंचे थे। लेकिन मनपा आयुक्त ने यह कहकर मुलाकात टाल दी कि पानी कटौती के विषय पर मैं आपसे चर्चा नहीं कर सकता हूं।
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नतीजतन अधिकारियों को केवल पानी आपूर्ति विभाग के मुख्य अभियंता से बातचीत कर बैरंग लौटना पड़ा। जल सिंचाई विभाग लंबे समय से पुणे महानगरपालिका से 10 प्रतिशत पानी उपयोग कम करने की मांग कर रहा है। लेकिन महापालिका की ओर से इस पर अमल नहीं किया गया। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब वरिष्ठ अधिकारियों ने सिंचाई विभाग पर दबाव बनाया है कि यदि मनपा सहयोग नहीं करता है तो कठोर कदम उठाए जाएं। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी मनपा आयुक्त नवल किशोर राम और जलापूर्ति विभाग के प्रमुख के साथ बैठक करने आए थे।
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2031 तक की बनाई गई योजना
सिंचाई विभाग का कहना है कि पीने के पानी पर आरक्षण भविष्य की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर तय किया गया है। 2031 तक पुणे शहर की अनुमानित 76 लाख 16 हजार की जनसंख्या के लिए 14.61 टीएमसी पानी आरक्षित किया गया है। इसके विपरीत मनपा का उपयोग लगातार बढ़ता ही गया। मनपा निर्धारित सीमा से कहीं अधिक पानी उठा रहा है। जलसंपत्ति नियामक आयोग की सुनवाई में इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। जनवरी, 2026 में पुणे महापालिका चुनाव होने की संभावना है।
