PMC का बड़ा कदम, पुणे में 23 गांवों में बनेंगे हॉकर्स जोन; बायोमेट्रिक सर्वे जरूरी
Pune Hawkers Zone: पुणे में पीएमसी सीमा में शामिल 23 गांवों में हॉकर्स जोन बनाए जाएंगे। इसके लिए पथ विक्रेताओं का बायोमेट्रिक सर्वे अनिवार्य होगा, ताकि अधिकृत विक्रेताओं को परमिट और सुविधाएं मिल सकें।
- Written By: अंकिता पटेल
Pune Street Vendors Survey( Source: Social Media )
Pune Street Vendors Survey: पुणे पीएमसी की सीमा में शामिल किए गए 23 गांवों में जल्द ही हॉकर्स जोन विकसित किए जाएंगे, इसके लिए संबंधित पथ विक्रेताओं का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इस संबंध में ‘नगर पथ विक्रेता समिति’ (शहर फेरीवाला समिति) की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
बैठक के दौरान पथारी, हाथगाड़ी और स्टॉल व्यवसायियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति का मुख्य उद्देश्य अधिकृत परमिटधारक विक्रेताओं को न्याय दिलाना, प्रशासन और विक्रेताओं के बीच समन्वय स्थापित करना और ‘पथ विक्रेता नीति’ को न्यायसंगत तरीके से लागू करना है।
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
बैठक में बायोमेट्रिक सर्वेक्षण, प्रमाणपत्रों का नवीनीकरण, फेरीवाला जोन का निर्धारण, मेट्रो परियोजना से प्रभावित विक्रेताओं का पुनर्वासर, अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में सुधार और अनिवार्य शुल्या वसूली जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार किया गया, समिति के सदस्य गजानन पवार और सागर दहीभाते ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर मनपा आयुक्त नवल किशोर राम्, अतिरिक्त आयुक्त नवनीत कौर, उपायुक्त सोमनाय बनकर, सहायक उपायुक्त रमेश शेलार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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पथ विक्रेताओं का अब तक नहीं हुआ सर्वेक्षण, कई मामले अधूरे
समिति के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि पथ विक्रेताओं की आजीविका को ध्यान में रखते हुए सभी मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक और सकारात्मक निर्णय लिया जाए, यह रेखांकित किया गया कि शामिल गांवों में अभी तक न तो विक्रेताओं का सर्वेक्षण हुआ है और न ही हॉकर्स जोन बनाए गए हैं।
अब इन क्षेत्रों में नियोजित तरीके से सर्वेक्षण कर हॉकर्स जोन तैयार किए जाएंगे। साथ ही, दैनिक शुल्क वसूली की व्यवस्था तय की जाएगी और नियमानुसार पात्र विक्रेताओं का पुनर्वास किया जाएगा।
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पुराने परमिटधारकों (स्टॉल, हाथगाड़ी, पथारी लाइसेंस धारक) का बायोमेट्रिक सर्वे, उत्तराधिकार और हस्तांतरण से जुड़े मामलों के कारण अब तक अधूरा है। बैठक में इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया, जिससे हजारों विक्रेताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
