उद्धव ठाकरे का ‘किला’ ढहा! भाजपा का ‘लोटस स्ट्राइक’: ठाकरे गुट के आखिरी दो मोहरे भी टूटे
Pune PMC News: पुणे मनपा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ से यूबीटी के आखिरी दो पूर्व नगरसेवक भी पार्टी छोड़ चुके हैं, जिससे पुणे में सियासी समीकरण बदल गए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स :सोशल मीडिया )
Pune PMC Election News: पुणे महानगर पालिक (पीएमसी) चुनाव के लिए नामांकन क्रिया शुरू होते ही शहर की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। भारतीन जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने ऑपरेशन लोटस’ के जरिए उद्धव ठाक बीत शिवसेना (यूबीटी) को पुणे में पूर बरह से नेतृत्व विहीन कर दिया है बंगलवार को उद्धव गुट के अंतिम व कद्दावर पूर्व नगरसेवकों, संजय भोसल भौर पृथ्वीराज सुतार ने भाजपा का दामन नाम लिया। इसके साथ ही, 2017 के चुनाव में जीतकर आए शिवसेना के नभी 10 नगरसेवक अब उद्धव ठाक का साथ छोड़ चुके हैं।
कांग्रेस मुक्त के बाद अब ‘शिवसेना मुक्त’ पुणे
केंद्र और राज्य में ‘कांग्रेस मुक्त’ का नारा देने वाली भाजपा अब पुणे महानगर पालिका में ‘शिवसेना (यूबीटी) मुक्त’ के संकल्प को सिद्ध करती दिख रही है। मंगलवार को आयोजित एक भव्य प्रवेश समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, सांसद मेधा कुलकर्णी, शहर अध्यक्ष धीरज घाटे और चुनाव समन्वयक गणेश बिडकर की उपस्थिति में ठाकरे गुट के इन नेताओं ने केसरिया झंडा थामा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह केवल शुरुआत है; भाजपा सूत्रों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में अन्य दलों के कई और बड़े चेहरे भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
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2017 के 10 UBT योद्धाः अब कहां हैं वे ?
2017 के महानगर पालिका चुनाव में शिवसेना के टिकट पर 10 उम्मीदवार निर्वाचित हुए थे। जून 2022 में पार्टी में हुई फूट के बाद भी इनमें से कई उद्धव ठाकरे के साथ डटे रहे, लेकिन चुनावी बिगुल बजते ही समीकरण बदल गए।
शिवसेना यूबीटी के संजय भोसले, पृथ्वीराज सुतार, संगीता ठोसर, बाला ओसवाल, पल्लवी जावले, विशाल धनवडे और प्राची आल्हाट ने भाजपा का दामन थाम लिया तो वहीं नाना भानगिरे (वर्तमान शहर अध्यक्ष) ने शिंदे गुट में प्रवेश किया।
अविनाश सालवे ने कांग्रेस का सहारा लिया और श्वेता चव्हाण को राकांपा (अजीत पवार) ने पार्टी में शामिल किया। महानगरपालिका चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही जिस तरह से विपक्षी खेमे में सेंधमारी हुई है, उसने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। पुणे अब पूरी तरह से चुनावी मोड में है और भाजपा ने इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से अपनी बढ़त बना ली है।
5 हजार से अधिक नामांकन फार्म की बिक्री
पुणे महानगर पालिका चुनाव के लिए 15 निर्वाचन निर्णय अधिकारियों के कार्यालय स्थापित किए गए है। उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के पहले ही दिन मंगलवार को किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।
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लेकिन इस दौरान कुल 2,886 नामांकन फॉर्म की बिक्री हुई है। वही पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका चुनाव के तहत मंगलवार की सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक 8 चुनाव निर्णय अधिकारी कार्यालय से कुल 2212 नामांकन फार्म की बिक्री हुई।
