Pune Municipal Corporation की अभय योजना 17 दिन में फेल, टैक्स वसूली 100 करोड़ के नीचे

Pune Municipal Corporation की अभय योजना को 17 दिनों में उम्मीद के अनुसार रिस्पांस नहीं मिला। 13 हजार करोड़ बकाया में से सिर्फ 99.77 करोड़ की वसूली होने से योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
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पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Property Tax Collection: पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) को विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने और लंबित प्रॉपर्टी टैक्स की भारी भरकम राशि वसूलने के लिए शुरू की गई 'अभय योजना' पहले 17 दिनों में ही फ्लॉप साबित होती दिख रही है।

प्रशासन 100 करोड़ रुपए का शुरुआती राजस्व राजस्व लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या टैक्स नहीं चुकाने वाले लोग इस योजना के लागू होने के बाद और 'निर्भय' हो गए हैं। पीएमसी ने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स धारकों को जुमनि की राशि पर 75 प्रतिशत की बड़ी छूट देने के लिए 15 नवंबर को यह योजना शुरू की थी।

  • शहर में लगभग साढ़े छह लाख बकायादार हैं, जिनमें बड़े शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, आईटी कंपनियां और शोरूम शामिल हैं। इन पर मूल टैक्स और जुर्माने की राशि मिलाकर कुल 13 हजार करोड़ रुपए तक का बकाया है।
  • महानगर पालिका प्रशासन ने इस योजना के माध्यम से 1800 से 2000 करोड़ रुपए वसूलने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। हालांकि, योजना शुरू होने के 17 दिनों बाद, यानी मंगलवार तक, मनपा के खजाने में केवल 99 करोड़ 77 लाख रुपए ही जमा हो पाए हैं। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने योजना की शुरुआत में भारी - वसूली का विश्वास जताया था।

निर्णय बदलने पर भी उत्साह नहीं

योजना को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन को 10 दिनों के भीतर ही एक निर्णय वापस लेना पड़ा। पहले घोषणा की गई थी कि जिन बकायादारी ने पूर्व में अभय योजना का लाभ लिया था, वे इस बार शामिल नहीं हो सकते, लेकिन, कम प्रतिसाद के कारण इस निर्णय को वापस लिया।

इसके बावजूद, लंबित प्रॉपर्टी टैक्स भरने में बकायादार कोई उत्साह नहीं दिखा रहे है। प्रॉपर्टी टैक्स और टैक्स संग्रह विभाग के उपायुक्त रवि पवार ने कहा, "यह योजना दो महीने तक चलेगी इसलिए अभी तक बहुत ज्यादा रिस्पांस नहीं मिली है यह एक वास्तविकता है'।

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