

Pune Dengue Cases Pimpri Chinchwad: पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में सितंबर के दौरान डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़कर 1,503 हो गई। 70 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। जनवरी से सितंबर तक 3.57 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई और अब तक डेंगू-मलेरिया से किसी मौत की सूचना नहीं है।
बारिश का जोर कम होते ही पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। महानगरपालिका की सितंबर रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या 546 बढ़कर 1,503 हो गई। वहीं सितंबर में 70 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।
जनवरी से सितंबर के बीच डेंगू के कुल 122 पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इनमें अकेले सितंबर में मिले 70 मरीज आधे से अधिक हैं। तेजी से बढ़ते मामलों ने महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में डेंगू के 957 संदिग्ध मरीज मिले थे और 37 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। सितंबर में संदिग्ध मरीजों की संख्या 1,503 और पॉजिटिव मरीजों की संख्या 70 तक पहुंच गई।
इस तरह एक महीने में संदिग्ध मामलों में करीब 57 फीसदी वृद्धि हुई, जबकि पॉजिटिव मामलों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई। डेंगू के मामले जून से लगातार बढ़ रहे हैं। जून में 252 संदिग्ध मरीजों में 2, जुलाई में 580 में 13 और अगस्त में 957 में 37 मरीज पॉजिटिव पाए गए थे।
जनवरी से सितंबर तक महानगरपालिका ने करीब 3.57 लाख लोगों की जांच की। इस दौरान 803 मरीजों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 28 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। सितंबर में 43,676 बुखार मरीजों की जांच के दौरान मलेरिया के 8 मरीज मिले।
राहत की बात यह है कि अब तक डेंगू और मलेरिया से किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।
बारिश के बाद घरों, सोसायटियों और निर्माण स्थलों पर जमा साफ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन रहा है। पुराने टायर, गमले, पानी की टंकियां, कूलर और कबाड़ में जमा पानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सतर्क किया है।
मनपा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय दादेवार ने नागरिकों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील की है। घर और परिसर में जमा पानी खाली कर बर्तनों को सुखाकर रखने, मच्छरदानी और खिड़कियों पर जाली का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। बुखार होने पर खुद दवा लेने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने की अपील भी की गई है।