

Maregaon Rural Hospital: उमर शरीफ तहसील में इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती नजर आ रही है। कम बारिश, उमस, बीच-बीच में तेज धूप और बदली भरे मौसम के कारण सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आ रही है। मारेगांव आदिवासी बहुल तहसील है और इसमें करीब 104 गांव शामिल हैं।
जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में बसे इन गांवों से बड़ी संख्या में नागरिक उपचार के लिए मारेगांव ग्रामीण अस्पताल पहुंचते हैं। करीब पांच दशक पुराने ग्रामीण अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक दिखाई दे रही है। अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार और कमजोरी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। बताया जा रहा है कि कई मरीजों को हल्की ठंड लगने के बाद बुखार आ रहा है और तीन से चार दिन तक कमजोरी बनी रहने की शिकायत है।
ग्रामीण अस्पताल मारेगांव के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. सुभाष इंगडे ने कहा कि बुखार, सर्दी-खांसी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर जांच करानी चाहिए। अस्पताल में मरीजों के लिए भर्ती की सुविधा और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन की व्यवस्था नहीं होने पर 108 एंबुलेंस से संपर्क किया जा सकता है।
वायरल फीवर से बचाव के लिए घर और आसपास का परिसर स्वच्छ रखने, मच्छरों से बचाव करने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बच्चों, बुजुर्गों समेत सभी नागरिकों को नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने की सलाह स्वास्थ्य विभाग ने दी है।
ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ मरीज सरकारी अस्पताल में उपचार कराने के बजाय निजी डॉक्टरों की ओर भी रुख कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और बिना जांच के स्वयं दवा न लेने की अपील की है।
वायरल फीवर के बढ़ते मरीजों के बीच ग्रामीण अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने की जानकारी दी है। मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षण दिखाई देने पर समय पर अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में वाहन की समस्या होने पर 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने की अपील की गई है, जरूरतमंद मरीजों को इस सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।