Pimpri Chinchwad Health Department Action: पिंपरी-चिंचवड़, नवभारत न्यूज नेटवर्क। बदलते मौसम, रुक-रुककर हो रही बारिश और जगह-जगह जमा पानी के कारण पिंपरी-चिंचवड़ शहर में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। महानगरपालिका के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की ओर से अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में की गई जांच में डेंगू के 16 और मलेरिया के 2 मरीज सामने आए हैं। दो अलग-अलग इलाकों में चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीज भी मिले हैं।
मलेरिया की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 19,048 संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की। इनमें दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वहीं, डेंगू के 430 संदिग्ध मरीजों की जांच में 16 मरीज संक्रमित पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया। इस दौरान 1 लाख 67 हजार से अधिक जल पात्रों की जांच की गई। इनमें 293 पात्रों में मच्छरों के लार्वा मिले। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने 32,357 घरों का निरीक्षण किया, जिनमें 259 घरों में लार्वा पाए गए।
मनपा की टीमों ने 105 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर 138 लोगों को नोटिस जारी किए गए। वहीं, 29 लोगों से कुल 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
बारिश के बाद निचले इलाकों, गड्ढों और सड़कों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बन रहा है। इसके अलावा घरों की छतों पर पड़े पुराने टायर, प्लास्टिक की बोतलें, कबाड़ और अन्य सामान में जमा पानी भी मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है।
पीसीएमसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जमा पानी और गंदगी संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे रही है। नागरिक अपने घर और आसपास सफाई रखें तथा पानी जमा न होने दें। स्थानीय डॉक्टर अमित पाटिल ने भी बारिश के दौरान जलजमाव रोकने और घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखने को डेंगू-मलेरिया से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय बताया।