फुले जयंती पर व्यवस्थाओं को लेकर पुणे मनपा में हंगामा, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

PMC Chaos: पुणे में महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर उचित व्यवस्थाएं न होने से मनपा सदन में हंगामा हुआ। नगरसेवकों ने प्रशासन पर लापरवाही और महापुरुषों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
Pune Municipal Corporation CFO Post Dispute News
पुणे मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Birth Anniversary PMC Chaos: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) के सदन में शुक्रवार को महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नगरसेवकों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

कांग्रेस नगरसेवक प्रशांत जगताप ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुणे, जो महात्मा फुले की कर्मभूमि है, वहीं उनकी द्विशताब्दी वर्ष पर न्यूनतम व्यवस्थाएं भी नहीं की गईं। उन्होंने प्रशासन पर महापुरुषों की उपेक्षा का आरोप लगाया।

पहले दिए थे आश्वासन

जगताप ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को पांच-छह दिन पहले स्थायी समिति की बैठक में उठाया था, जहां प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी होने का आश्वासन दिया था। हालांकि, जयंती के दिन न तो पर्याप्त मंडप व्यवस्था दिखी और न ही अन्य आयोजन अपेक्षा के अनुसार हुए।

अन्य नगरसेवकों ने भी उठाए सवाल

इस मुद्दे पर अन्य नगरसेवकों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। गणेश कल्याणकर ने प्रमुख स्थलों पर स्वच्छता की कमी का मुद्दा उठाया, जबकि सभागृह नेता गणेश बिडकर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण

विवाद के बीच सांस्कृतिक विभाग की उपआयुक्त आशा राऊत ने सफाई देते हुए कहा कि रक्तदान शिविर और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के आदेश पहले ही दिए गए थे। हालांकि, यह स्पष्टीकरण नगरसेवकों को संतुष्ट नहीं कर सका।

सालभर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश

अंततः उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने प्रशासन को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि महात्मा फुले के द्विशताब्दी वर्ष के तहत पूरे साल विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि इस ऐतिहासिक अवसर को उचित सम्मान दिया जा सके।

समाज में गया गलत संदेश

नगरसेवकों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही से समाज में गलत संदेश गया है। भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए बेहतर योजना और क्रियान्वयन की जरूरत पर जोर दिया गया।

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