

Pune Junction Railway Station Completes 101 Years: पुणे शहर की ऐतिहासिक पहचान और मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल पुणे जंक्शन ने सोमवार को अपने गौरवशाली सफर के 101 वर्ष पूरे कर लिए। 27 जुलाई 1925 को तत्कालीन बंबई प्रांत के गवर्नर सर लेस्ली विल्सन ने वर्तमान स्टेशन भवन का उद्घाटन किया था। एक सदी से अधिक का सफर तय कर चुका यह स्टेशन आज आधुनिक सुविधाओं, बढ़ती यात्री संख्या और लगातार हो रहे विस्तार के साथ शहर की जीवन रेखा बना हुआ है।
हालांकि पुणे में रेलवे की शुरुआत वर्ष 1856 में हुई थी और उसी समय पहला रेलवे स्टेशन बनाया गया था। बढ़ती रेल सेवाओं और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए वर्ष 1915 में पुराने स्टेशन को हटाकर इंडो-सारासेनिक स्थापत्य शैली में नए स्टेशन भवन का निर्माण शुरू किया गया। ब्रिटिश वास्तुकार पी। वल्सन द्वारा तैयार की गई डिजाइन के आधार पर बने इस भवन का उद्घाटन 27 जुलाई 1925 को किया गया। यही भवन आज भी पुणे स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान है।
समय के साथ पुणे जंक्शन ने लगातार विकास किया है। पुणे रेलवे स्टेशन मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में गिना जाता है। यहां से प्रतिदिन लगभग 250 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि लगभग 1 लाख 70 हजार से अधिक यात्री रोजाना इस स्टेशन से यात्रा करते हैं।
मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता सहित देश के प्रमुख शहरों से पुणे को जोड़ने वाला यह स्टेशन पश्चिम भारत के महत्वपूर्ण रेल केंद्रों में शामिल है। स्टेशन के पुनर्विकास, आधुनिक यात्री सुविधाओं और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी की दिशा में भी कई परियोजनाओं पर काम जारी है।
पुणे जंक्शन के 101 वर्ष पूरे होने के अवसर पर डिवाईन जैन ग्रुप ट्रस्ट की ओर से स्टेशन परिसर में केक कटिंग और मिठाई वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन स्टेशन निदेशक नरेंद्र धवले तथा मदनलाल मीना के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान रेलवे कर्मचारियों, हाउसकीपिंग स्टाफ, कुलियों, पोर्टरों तथा यात्रियों सहित 300 से अधिक लोगों को केक और मिठाइयां वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य स्टेशन की ऐतिहासिक विरासत को याद करने के साथ-साथ रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना था।
डिवाईन जैन ग्रुप ट्रस्ट के अध्यक्ष संकेत शाह ने कहा कि पुणे रेलवे स्टेशन केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत और पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुणे तेजी से स्मार्ट और आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो रहा है और रेलवे भी इस विकास यात्रा का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट भविष्य में भी रेलवे प्रशासन के साथ मिलकर जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि रेलवे समुदाय और यात्रियों के कल्याण में योगदान दिया जा सके।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के ट्रस्टी राजेश ओसवाल, अमित जनजानी, प्रियंका शाह, चेतन जैन और तनीष जैन सहित सदस्य अक्षत बाफना, राहुल कोठारी, आगम शहा, मेहुल जैन और मोनाली धोत्रे आदि उपस्थित रहे। एक सदी से अधिक पुराने इस स्टेशन का इतिहास केवल रेल सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुणे शहर के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का भी साक्षी रहा है।