रिंग रोड प्रोजेक्ट के कारण पाइपलाइन उखड़ी, सिंहगढ़ क्षेत्र के गांवों में पीने के पानी का संकट
Pune Outer Ring Road Project के निर्माण के दौरान मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से सिंहगढ़ क्षेत्र के चार गांवों में महीनों से जलापूर्ति बंद है। पीने के पानी के लिए भी गंभीर संकट का सामना करना पड़ा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई में पानी की आपूर्ति बाधित (सोर्सः सोशल मीडिया)
Water crisis in Sinhagad Villages: पुणे-पानशेत रोड पर चल रहे ‘पुणे आउटर रिंग रोड’ परियोजना के निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।
इस प्रोजेक्ट के कारण सिंहगढ़ क्षेत्र के 4 गांवों रांजणे, खामगांव, कोंडगांव और आंबेड में पिछले कई महीनों से जलापूर्ति पूरी तरह से ठप है, जिससे ग्रामीण पीने के पानी के लिए बूंद बूंद को तरस रहे हैं।
रिंग रोड निर्माण के दौरान वरदाडे इलाके में पानी की मुख्य पाइपलाइन उखड़ गई, जिससे इन गांवों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है। क्षेत्र के लोग मुख्य रूप से दूध के व्यवसाय पर निर्भर हैं। लेकिन भीषण गर्मी के कारण अब मवेशियों के लिए भी पानी का संकट गहरा गया है। पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैकल्पिक पाइपलाइन और कुएं के स्थानांतरण के लिए जगह तय कर ली गई है और इसके लिए फंड भी मंजूर हो चुकी है।
सम्बंधित ख़बरें
अल नीनो और सूखे के खतरे से निपटने की तैयारी: महाराष्ट्र सरकार 175 कोल्हापुर पद्धति के बांधों की करेगी मरम्मत
खाकी व फर्जी पत्रकार की मिलीभगत बेनकाब: व्यवसायी से 1 करोड़ की लूट, फरार पुलिसकर्मियों की तलाश जारी
पुणे में बारिश के बीच बढ़ा डेंगू का खतरा, जुलाई में मिले 192 संदिग्ध मरीज; PMC ने नागरिकों को किया सतर्क
पुणे में CNG संकट गहराया: कम गैस प्रेशर से पंपों पर लंबी कतारें, डीलर्स ने बिक्री बंद करने की दी चेतावनी
ये भी पढ़ें :- ठाणे मनपा का एक्शन: 177 लोगों को नोटिस, 7 दिनों में 4 करोड़ से ज्यादा पानी बिल वसूला
गांवों में टैंकर से जलापूर्ति करने की मांग
विधायक शंकर मांडेकर ने ‘सड़क विकास महामंडल’ से मांग की है कि जब तक नई योजना पूरी नहीं होती, तब तक इन गांवों में टैंकरों के जरिए तत्काल जलापूर्ति की जाए। साथ ही उन्होंने जलवाहिनी के स्थानांतरण और नई योजना का काम युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए है। वहीं, जिला परिषद सदस्य अमोल नलावडे ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि सड़क विकास महामंडल ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया, तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर ‘हंडा मोर्चा’ निकाला जाएगा।
