कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: पुणे महानगरपालिका चुनाव में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों के एक साथ आने से नाराजगी जताते हुए कांग्रेस का दामन थामने वाले प्रशांत जगताप ने शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही पुणे में कांग्रेस ने अपना खाता खोल लिया है।
ऐन चुनाव के वक्त प्रशांत जगताप द्वारा कांग्रेस में शामिल होने के कारण उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने अभिजीत शिवरकर को मैदान में उतारा था, जो कभी उनके साथ ही काम किया करते थे।
प्रशांत जगताप ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अभिजीत शिवरकर को पटखनी दी है। प्रभाग क्रमांक 18 (ड) में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा हो गया था, जिसमें अंततः प्रशांत जगताप ने बाजी मार ली है। उनके हाथों पराजित होने वाले अभिजीत शिवरकर पूर्व राज्यमंत्री बालासाहेब शिवरकर के पुत्र हैं।
प्रशांत जगताप और अभिजीत शिवरकर का राजनीतिक सफर कभी एक साथ शुरू हुआ था। जैसे ही प्रशांत जगताप ने कांग्रेस में प्रवेश किया, शिवरकर ने कांग्रेस को राम-राम कह दिया और भाजपा में शामिल हो गए।
भाजपा ने रणनीतिक तौर पर उन्हें जगताप के खिलाफ ही चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन इस वर्चस्व की लड़ाई में प्रशांत जगताप विजयी रहे और अभिजीत शिवरकर को हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि प्रशांत जगताप राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के शहराध्यक्ष थे और 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुत ही मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
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पुणे महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद से ही जिन उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा नजर थी, उनमें प्रशांत जगताप का नाम प्रमुख रहा, पार्टी बदलकर कांग्रेस में शामिल हुए प्रशांत जगताप ने इस चुनाव में जीत हासिल की है। जीत के बाद सोशल मीडिया पर उनकी पहली पोस्ट राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि वानवडी साळुंखे विहार प्रभाग की जनता का दिल से आभार। यह जीत केवल प्रशांत जगताप नाम के एक व्यक्ति की नहीं है।