पुणे में जर्जर वाडों पर मनपा सख्त, नोटिस के बाद खाली नहीं करने वालों पर होगी पूरी जिम्मेदारी
Pune Municipal Corporation Warning Dangerous Wadas: मानसून के मद्देनजर पुणे महानगरपालिका ने शहर के पुराने और जर्जर वाडों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हादसे की स्थिति में नागरिक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे खतरनाक वाडा नोटिस (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Municipal Corporation Warning Dangerous Wadas News: मानसून की दस्तक के साथ ही पुणे महानगरपालिका प्रशासन ने शहर के संवेदनशील और पुराने रिहायशी इलाकों में सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है।
खासकर मध्य पुणे के ऐतिहासिक पेठ इलाकों में जर्जर और खतरनाक हो चुके वाड़ों के कारण मानसून में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को टालने के लिए मनपा के शहर अभियंता कार्यालय ने एक बेहद जरूरी और कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मद्देनजर नोटिस मिलने के बाद भी यदि नागरिक खतरनाक वाडों को खाली नहीं करते हैं, तो किसी भी हादसे की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी उसी नागरिक की होगी। इसमें पुणे मनपा का कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
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राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा
पुणे महानगरपालिका के शहर अभियंता अनिरुद्ध पावस्कर से मिली जानकारी के अनुसार, पीएमसी कार्यक्षेत्र के तहत आने वाले पुराने और जर्जर वाडों से वहां रहने वाले नागरिकों के साथ-साथ आसपास से गुजरने वाले राहगीरों की जान को भी भारी खतरा बना रहता है।
इस खतरे को पूरी तरह समाप्त करने और जनहानि रोकने के लिए मनपा प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम (MMC Act) की धारा 268 (बी) और (सी) के तहत ऐसे खतरनाक और रहने के लिए पूरी तरह से अयोग्य घोषित किए जा चुके वाडों के मालिकों, किरायेदारों और निवासियों को तुरंत जगह खाली करने के नोटिस थमा दिए गए हैं।
मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक का प्रमाण पत्र
प्रशासन ने अपील की है कि जब तक खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता, तब तक इन वाडों की तुरंत खाली कर दिया जाए। विस्थापन के डर से वाडा खाली नहीं करने वाले नागरिकों को राहत देते हुए मनपा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खतरनाक वाडों को खाली करने वाले किरायेदारों, फ्लैट धारको, वाडा मालिकों या सहकारी सोसायटियों को उनके कब्जे वाले क्षेत्र (कार्पेट एरिया) के अनुसार वैधानिक प्रमाण पत्र दिया जाएगा ताकि भविष्य में उनके अधिकारों की सुरक्षा बनी रहे।
ये इलाके ज्यादा संवेदनशील
मनपा के संरचनात्मक आकलन के बाद मध्य पुणे के विभिन्न पेठ इलाकों में खतरनाक वाडों को चिहिनत किया गया है। प्रमुख रूप से प्रभावित इलाकों और वहां की स्थिति इस प्रकार है। रविवार पेठ सबसे अधिक 8 खतरनाक इमारतें/वाडा चिह्नित किए गये है।
घोरपडे पेठ, शुक्रवार पेठ और भवानी पेठ में प्रत्येक क्षेत्र में 5-5 जर्जर मकान बेहद संवेदनशील श्रेणी में है। बुधवार पेठ में 4 वाडा को नोटिस जारी किए गए है। नाना पेठ में 3 आवासीय संपत्तिया खतरनाक घोषित की गई हैं। सदाशिव पेठ और गुरुवार पेठ में 2-2 वाडा है। शनिवार पेठ, गणेश पेठ क्षेत्रों में 1-1 चाडा को तुरंत खाली करने के निर्देश दिए गए है।
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खुद करा सकते हैं मरम्मत
मनपा ने नागरिकों को कानूनी विकल्प देते हुए बताया कि ‘स्वीकृत एकीकृत विकास नियंत्रण और प्रोत्साहन नियमावली 2020 के प्रावधान 2.1.7 के तहत नागरिक अपने स्तर पर भी मरम्मत कार्य करवा सकते है। इसके लिए नागरिकों को पुणे महानगरपालिका को केवल पूर्व सूचना देनी होगी और किसी भी अधिकृत आर्किटेक्ट, इंजीनियर या स्ट्रक्चरल इंजीनियर की देखरेख और तकनीकी मार्गदर्शन में वे खतरनाक हिस्सों की आवश्यक मरम्मत करा सकते हैं।
