Pune Monsoon Preparation: बारिश से पहले पीएमसी की परीक्षा, 15 जून तक नाला सफाई पूरी करने का नया लक्ष्य

Pune Monsoon Preparation News: पुणे में मानसून से पहले नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई का काम तय समय सीमा तक पूरा नहीं हो सका है। प्रशासन ने अब 15 जून तक सभी कार्य पूरे करने का आश्वासन दिया है।
Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning Work
PMC ड्रेन क्लीनिंग (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune Monsoon Preparation Drain Cleaning Work News: मानसून पूर्व नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई को लेकर पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं।

31 मई तक शहर के सभी प्रमुख नालों, स्टॉर्म वॉटर लाइनों, चैंबरों और कल्वर्ट्स की सफाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में काम अधूरे पड़े हैं। अब प्रशासन ने नई समयसीमा तय करते हुए 15 जून तक सभी कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने का आश्वासन दिया है।

तो बारिश में डूबेगा शहर

पीएमसी प्रशासन की ओर से जारी प्रगति रिपोर्ट में सफाई कार्यों की प्रतिशतता लगातार बढ़ती दिखाई जा रही है, लेकिन शहर के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती। कई इलाकों में नाले अब भी प्लास्टिक, कचरे और गाद से भरे हुए हैं। ऐसे में नागरिकों के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि यदि जल्द ही तेज बारिश हुई तो जलभराव की समस्या पहले से अधिक गंभीर रूप ले सकती है।

क्या कहते हैं मनपा के दावे

पुणे मनपा के आंकड़ों के अनुसार, 28 मई तक नाला सफाई का कार्य 75 प्रतिशत पूरा हुआ था। यह आंकड़ा 31 मई को 80 प्रतिशत और 1 जून को 82 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया। इसी तरह स्टॉर्म वॉटर लाइन की सफाई 59.54 प्रतिशत से बढ़कर 65.17 प्रतिशत तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। चैंबर मरम्मत का काम 63.58 प्रतिशत से बढ़कर 72.81 प्रतिशत और कल्वर्ट्स की सफाई 74 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत तक होने का दावा प्रशासन ने किया है।

जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी

पिछले कई वर्षों से मानसून के दौरान पुणे में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या आम रही है। इस बार उम्मीद थी कि प्रशासन पूर्व अनुभवों से सबक लेकर समय पर तैयारी पूरी करेगा, लेकिन वर्तमान हालात अलग कहानी बयां कर रहे हैं। हालांकि, मानसून के कुछ दिन विलंब से आने की संभावना प्रशासन के लिए राहत साबित हो सकती है और इसी अतिरिक्त समय में अधूरे कार्यों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है।।

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