Pune Municipal Corporation ने 2,989 गड्ढों पर 15 करोड़ खर्च किए, नागरिकों ने उठाए सवाल
Pune MNC ने गड्ढा-मुक्त अभियान के तहत 2,989 गड्ढों पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए। प्रति गड्ढा औसतन 50 हजार की लागत सामने आने पर नागरिकों और विपक्ष ने खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: शहर की सड़कों को गड्डा-मुक्त करने के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) द्वारा चलाए गए एक महीने लंबे अभियान ने नागरिकों और विशेषज्ञों के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मनपा का दावा है कि इस अवधि में 2,989 गड्डों को भरा गया है, जिस पर कुल 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मनपा के आंकड़ों को देखें, तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आता है कि प्रत्येक गड्ढे को भरने पर औसतन लगभग 50,184 रुपये खर्च हुए हैं।
इस भारी-भरकम खर्च ने मनपा के कार्य की गुणवत्ता और वित्तीय प्रबंधन पर संदेह पैदा कर दिया है। महानगर पालिका ने दावा किया है कि इस अभियान से शहर की अधिकांश सड़कों को दुरुस्त कर दिया गया है। पुणे मनपा के इस अभियान की आलोचना करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के रोहन सुरवसे पाटिल ने मनपा के दावों को खोखला बताया है।
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महीने भर चला युद्धस्तर पर अभियान, प्रशासन ने किया 15 करोड़ रुपये खर्च पिछले एक महीने से महानगर पालिका का सड़क विभाग ‘गड्डा मुक्त सड़क अभियान चला रहा था। सडक विभाग के प्रमुख अनिरुद्ध पावसकर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गड्ढा मुक्ति के लिए महापालिका ने सभी विभागों के ठेकेदारी, मुख्य विभाग के इंजीनियरों, उप-इंजीनियरों और जूनियर इंजीनियरों की एक स्वतंत्र टीम बनाकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया था।
सड़क विभाग का दावा है कि पिछले 30 दिनों में सड़कों की मरम्मत का काम सबसे अधिक तेजी से किया गया पावसकर ने बताया कि इस पूरे अभियान पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। महापालिका के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इस काम के लिए औसतन एक-एक करोड़ रुपये वित्तरित किए गए। मरम्मत कार्य केवल गड्ढा भरने तक सीमित नहीं रहा। बल्कि लगभग 1,800 स्थानों पर सड़कों को खुरचकर. मिलिंग) नई परत डालने का काम भी किया गया।
सड़क मरम्मत का दावा और कार्यक्षेत्र का लेखा-जोखा
पावसकर के अनुसार, शहर की विभिन्न सड़कों पर कुल 2,989 अलग-अलग गड्ढे भरे गए। इनमें वे स्थान भी शामिल थे, जहां सड़क की स्थिति अच्छी थी, लेकिन कुछ गहरे या खतरनाक गड्ढे बन गए थे। लगातार बढ़े गड्ढे उभरने की समस्या को देखते हुए, कई जगहों पर केवल गड्ढे भरने के बजाय, पूरी सड़क की मिलिंग करके नए सिरे से डामरीकरण किया गया, कार्य की गति और दबाव को देखते हुए महापालिका ने पिछले महीने 1 लाख 88 हजार 948 वर्ग मीटर यानी लगभग 1 लाख 89 हजार वर्ग मीटर सड़कों पर मरम्मत का काम किया। यह क्षेत्रफल अनुमानित रूप से 18 हेक्टेयर के बराबर है। इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में गड्डों को भरने का काम पहले कभी नहीं हुआ था।
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ऐप पर की गई ठेकेदारों की शिकायतें
हालांकि, काम में लापरवाही पकड़े जाने पर महाप्रीत संस्था सहित पुलिस के एक ठेकेदार को भी ‘स्टॉप वर्क’ आदेश जारी किए गए हैं। ‘रोड मित्र ऐप’ के जरिए 3।904 शिकायतों में से केवल 34 शिकायतें ही पेंडिंग हैं और बाकी सभी पर कार्रवाई की गई है। स्थानीय नागरिकों से संवाद करके उन गड्डों की भी मरम्मत की गई। महापालिका के पास हर गड़े के काम का विवरण, फोटो, माप सहित पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
– अनिरुद्ध पावसकर, प्रमुख, सड़क विभाग, पुणे महानगर पालिका
