स्वच्छ पुणे की नई मुहिम या हजारों परिवारों की बर्बादी?, जानें क्या हैं विश्वास 2025 का सच
पुणे महानगरपालिका ने शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। जिसके अंतर्गत पुणे मनपा ने हाल ही में विश्वास 2025 मुहिम की भी शुरुआत की है। जिससे सफाईकर्मियों की नौकरी खतरे में हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: पुणे शहर को और अधिक स्वच्छ बनाने और ठोस कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुणे मनपा ने हाल ही में ‘विश्वास 2025’ मुहिम की शुरुआत की है। लेकिन इस मुहिम ने हजारों कचरा बीनने वालों के जीवन पर संकट खड़ा कर दिया है।
विमान नगर क्षेत्र में पिछले 7 साल से काम कर रहे कचरा बीनने वाले भिकाजी लोंढे का काम अचानक बंद कर दिया गया, जिससे उनके परिवार की रोजी-रोटी पर गहरी चोट पहुंची है। भिकाजी लोंढे पिछले 7 वर्षों से राजीव नगर साउथ क्षेत्र के 150 घरों से घरों घर जाकर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा कर रहे थे। इस काम से उन्हें महीने की 25 से 30 हजार रुपये तक इनकम होती थी। लेकिन 1 सितंबर 2025 से अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के पुणे मनपा की घंटागाड़ी उसी क्षेत्र में शुरू कर दी गई। इसके कारण उनके हाथों का काम पूरी तरह छीन गया।
विमान नगर क्षेत्र में विश्वास 2025
पुणे महानगरपालिका के ठोस कचरा विभाग उपायुक्त संदीप कदम ने कहा है कि अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में कचरा इकट्ठा करने वाले कामगारों को भी शामिल किया जाएगा, कामगारों की शैक्षणिक पात्रता के अनुसार उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, उन्हें प्रति माह न्यूक्तम 23 हजार रुपये वेतन प्रदान किया जाएगा, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर होगा। इसी उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Sunday Rules: रविवार के दिन ग़लती से भी न करें ये 5 काम, वरना उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान
International Yoga Day 2026: क्या नियमित योग से कम पड़ते हैं बीमार? जानिए रिसर्च क्या कहती है
Surya Dev Mantra: रविवार को करें सूर्य देव के 4 मंत्रों का जप, नौकरी, धन और मान-सम्मान में होगा लाभ
21 जून को ही क्यों होता है साल का सबसे लंबा दिन? जानिए धरती और सूर्य के इस अनोखे रिश्ते का रहस्य
ये भी पढ़ें :-
कचरा बीनने वालों की छिन गई नौकरी
स्वच्छ संस्था की बोर्ड मेंबर रानी शिवशरण ने घेतावनी दी है कि आज भिकाजी लोढे का काम छीना गया है, कल शहर के 4 हजार से ज्यादा कचरा बीनने वालों का काम इसी तरह खत्म हो सकता है, इससे हजारों परिवार बेरोजगार हो जाएगे और उनकी जीविका पर संकट आ जाएगा, पुणे मनपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘PIMC Care’ पर भी यह घोषणा की गई थी कि कचरा बीनने वालों को नई व्यवस्था में शामिल किया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका उल्टा हुआ। विमान नगर क्षेत्र में अचानक घंटा गाड़ियों को भेजकर नागरिकों को सीधा निर्देश दिया गया कि कचरा सिर्फ घंटागाड़ी को दें, कचरा बीनने वालों को देने पर कार्रवाई होगी।
