PMC Elections से पहले देर रात चली स्थायी समिति की अहम बैठक, 390 करोड़ के टेंडरों को मंजूरी

Maharashtra Local Body Election: पुणे मनपा चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने की आशंका के बीच स्थायी समिति ने देर रात बैठक कर 390 करोड़ रुपये के 88 टेंडरों को मंजूरी दी।
Pune Local Body Election Candidates Disqualified
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: पुणे मनपा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता कब लागू होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी है। फिलहाल इस पर आधिकारिक रुप से कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि 16 दिसंबर के बाद कभी भी आचार संहिता लग सकती है।

इस संभावित समय सीमा को देखते हुए पुणे महानगरपालिका की स्थायी समिति ने टेंडर्स को मंजूरी देने का अंतिम चरण पूरा किया है। इसलिए बुधवार को स्थायी समिति की देर रात तक बैठक हुई। इस बैठक में 390 करोड़ रुपए के विभिन्न टेंडरों को मंजूरी दी गई।

इस तरह चुनाव से ऐन पहले खर्च और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की एक हड़बड़ी देखने को मिली। राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों पुणे महानगरपालिका के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण निर्धारित है।

प्रशासन ने यह मान लिया है कि लोकार्पण समारोह पूरा होने के तुरंत बाद महानगरपालिका चुनाव के लिए आचार संहिता कभी भी लागू हो सकता है। इसे देखते हुए स्थायी समिति की यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दिन भर विभागों द्वारा लंबित प्रस्तावों को जल्दी - जल्दी तैयार करने का काम चलता रहा। - सभी प्रस्तावों को मंजूरी के लिए स्थायी समिति के पास भेजा गया। शाम पौने छह बजे आयुक्त नवल किशोर राम की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई।

नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी में प्राथमिकता

प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य था कि आचार संहिता लागू होने से पहले शहर के लिए महत्वपूर्ण और अत्यावश्यक परियोजनाओं को मंजूरी मिल जाए ताकि विकास कार्य बाधित न हों। विशेष रूप से नागरिक सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों जैसे कि कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति और सड़क रखरखाव को उच्च प्राथमिकता दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि कई टेंडर की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी और अब केवल स्थायी समिति की अंतिम मोहर की जरुरत थी। इस बैठक में कुल 88 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें से सबसे अधिक ध्यान खींचने वाला प्रस्ताव कचरा संग्रह से संबंधित था।

शहर के दैनिक कचरा संग्रह को और अधिक नियमित तथा कुशल बनाने के लिए महानगरपालिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 340 छोटी घंटागाड़ियों (डोर-टू-डोर कचरा संग्रह वाहन) को किराए पर लेने को स्वीकृति दी गई है।

इस प्रस्ताव में 12 कंप्यूटर और 11 बीन-लिफ्टर भी शामिल है। यह ठेका अगले पांच वर्षों के लिए है। इस पर कुल 284 करोड़ रुपए का खर्च अपेक्षित है। कचरा प्रबंधन में स्मार्ट सिस्टम, समय पर संग्रह और विभाग वार सेवा सुधारने की दृष्टि से यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।,

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