Pune MNC ने 1,200 करोड़ के एसटीपी प्रकल्प मंजूर किए, पानी शोधन क्षमता बढ़ेगी
Pune MNC ने 1,200 करोड़ रुपये की लागत से छह पुराने एसटीपी प्रकल्पों के नवीनीकरण को मंजूरी दी है। हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल से 110 करोड़ की बचत और जल पुन: उपयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation News: शहर में स्थित छह पुराने मलजल शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के नवीनीकरण के लिए पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) द्वारा निकाली गई निविदाओं को स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है।
इन परियोजनाओं के लिए निविदाएं हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पद्धति के अंतर्गत निकाली गई थीं। पीएमसी के लिए यह पहली बार है जब इस पद्धति से लगभग 1,200 करोड़ रुपये के प्रकल्पों की निविदाएं जारी की गई। प्रशासन ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया से महानगरपालिका के लगभग 110 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
मनपा ने इन परियोजनाओं के लिए मई महीने में निविदा प्रक्रिया शुरू की थी। प्रारंभिक निविदाएं अधिक दरों पर आने के कारण, प्रशासन ने ठेकेदारों से दरों में कटौती के लिए बातचीत की। संशोधित निविदाओं में 1,332 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली प्राप्त हुई, जिसे अंततः 1,200 करोड़ रुपये में स्वीकृत किया गया।
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इस प्रकार, प्रशासन के अनुसार पीएमसी को करीब 110 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इन परियोजनाओं को अमृत 2।0 योजना के तहत मंजूरी दी गई है। इस मॉडल में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 60 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होगा।
पुणे शहर के छह पुराने एसटीपी प्रकल्पों के नवीनीकरण के अंतर्गत भैरोबा नाला और सवीर तानाजी वाडी स्थित प्रकल्पों को पूरी तरह ध्वस्त कर नए संयंत्र के रूप में बनाया जाएगा, कहीं, एरंडवणा, बोपोडी, नया नायडू प्रकल्प और विठ्ठलवाड़ी स्थित प्रकल्पों का अद्यावतीकरण किया जाएगा।
– नवल किशोर राम, आयुका, पीएमसी, पुणे
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शोधित पानी का उपयोग और नई तकनीक
- पीएमसी को इस निवेश की ब्याज राशि ठेकेदार को किस्तों में चुकानी होगी, यह मॉडल दीर्घकालिक वित्तीय नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। अब यह प्रस्ताव राज्यस्तरीय छानबीन समिति के पास भेजा जाएगा।
- समिति की मंजूरी मिलने के बाद ही पीएमसी को निधि प्राप्त होगी और कार्यान्वयन की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी, वर्तमान में पीएमसी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 883 मिलियन लीटर (MLD) मलजल उत्पन्न होता है, जिसमें से 477 MLD का शोधन होता है।
- दो नए संयंत्रों के निर्माण और चार पुराने सयंत्री के अद्यतन (अपग्रेडेशन) के बाद शहर की कुल मलजल शोधन क्षमता में करीब 89 MLD की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
- प्रशासन के अनुसार, नवीनीकरण के बाद इन परियोजनाओं में आधुनिक इलेक्ट्री-मैकेनिकल तकनीक स्थापित की जाएगी, जिससे शोधन की गुणवत्ता इतनी बढ़ेगी कि यह पानी उपयोग योग्य (Reusable) बन सकेगा। इस शुद्ध पानी का उपयोग बागवानी, औद्योगिक उपयोग या निर्माण कार्यों के लिए किया जा सकेगा, जिससे जल सोतों पर दबाव घटेगा।
