Pune Manhole Repair Project ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pune Manhole Repair Project: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर की सड़कों पर बढ़ते हादसों और ट्रैफिक की बाधाओं को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि शहर के भीतर स्थित लगभग 10,000 ड्रेनेज मैनहोल चैबरों की तत्काल मरम्मत की जाएगी।
इस पूरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य इन मैनहोलों को सड़क की सतह के बिल्कुल समान स्तर पर लाना है ताकि वाहन चालकों को किसी भी प्रकार के झटके या असंतुलन का सामना न करना पड़े। प्रशासन का यह निर्णय बुनियादी ढांचे में सुधार की एक प्रक्रिया के साथ ही नागरिकों की जान बचाने के लिए उठाया गया एक सुरक्षात्मक कदम भी है।
मनपा आयुक्तनवल किशोर राम ने बताया कि शहर में लगभग 40,000 मैनहोल मौजूद हैं। एक विस्तृत सर्वेक्षण के बाद यह पाया गया कि इनमें से लगभग 10,000 मैनहोल की स्थिति बेहद दयनीय है।
ये मैनहोल या तो सड़क की मुख्य सतह से काफी ऊपर उभरे हुए हैं या फिर जमीन के अंदर धंसे हुए हैं। इसके कारण यातायात सुगम तरीके से नहीं हो पाता। विशेष रूप से रात के समय या तेज रफ्तार में वाहन चलाने वालों के लिए ये छिपे हुए खतरे की तरह होते हैं, जो अक्सर बड़े हादसों का कारण बनते हैं।
शहर के सभी चेंबर (मैनहोल) को चरणबद्ध तरीके से सड़क की समतल सतह पर लाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक फंड की व्यवस्था की जाएगी, पुणे ग्रेड टूर के दौरान शहर के 75 किलोमीटर लंबे मार्गों पर चेंबर को सड़क के समान किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है।
– पीएमसी, आयुक्त, नवल किशोर राम
हालांकि प्रशासन ने इस परियोजना पर पहले ही काम शुरू कर दिया है। हाल ही में आयोजित ‘पुणे ग्रैंड टूर’ के उपलक्ष्य में शहर की लगभग 75 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कों का आधुनिकीकरण किया गया था।
इस सौंदयीकरण और मरम्मत अभियान के दौरान 2,000 ड्रेनेज मैनहोलों को ठीक किया जा चुका है। मनपा व्यापक ‘गड्ढा मुक्त अभियान’ के साथ इस अभियान को जोड़ दिया है ताकि मानसून आने से पहले सड़कों की स्थिति को सुधारा जा सके।
आयुक्त के अनुसार, भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाता है, तो सड़क की सतह से नीचे स्थित मैनहोल दिखाई नहीं देते। ऐसी स्थिति में टू व्हीलर चालकों के लिए यह एक जानलेवा जाल बन जाता है।
पहिया अचानक गड्ढे में जाने से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है और चालक गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसके अलावा, लगातार ऊबड़-खाबड़ मैनहोल के ऊपर से गुजरने के कारण कई वाहन चालकों ने पीठ, रीढ़ की हड्डी और गर्दन में दर्द जैसी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के कहे निर्देशों का पालन करते हुए मनपा आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सड़कों पर मौजूद गड्ढझे या असंतुलित मैनहोल के कारण किसी नागरिक की दुर्घटना में मौत होती है।
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तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर और ठेकेदार को जिम्मेदार माना जाएगा, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही के मामलों में दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।