Pune Municipal Corporation आयुक्त का सख्त रुख, लापरवाह अधिकारियों को दी चेतावनी
Pune MNC Comissioner Naval Kishore Ram ने शहर की गंदगी, अतिक्रमण और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को सुधार की अंतिम चेतावनी दी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे नगर निगम आयुक्त नवल किशोर राम (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: शहर के कामकाज में पारदर्शिता लाना और शहर की जमीनी हकीकत को समझते हुए उस दिशा में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना इस शहर की जरुरत है। इस बात को पुणे महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम बेहतर तरीके से समझते हैं।
उनका ट्रैक रिकॉर्ड भी इस बात की गवाही देता है कि वे विकास कार्यों के रास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करने और उस दिशा में कदम उठाने से नहीं हिचकिचाते हैं।
यही वजह है कि अब उन्होंने शहर में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए कड़े कदम उठाने की शुरुआत कर दी है, लेकिन उनकी राह की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पुणे महानगरपालिका के विभिन्न विभागों में एक ही जगह वर्षों से पालथी मारकर बैठे अधिकारी, कर्मचारी उनके काम की गति से तालमेल बिठाने से हमेशा बचते नजर आते हैं।
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कामचोरी, स्थानीय होने का दंभ और कौन क्या बिगाड़ लेगा, इस मानसिकता से वे काम करने से बचते हैं और यही मनपा आयुक्त के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है, इसलिए मौके मौके पर आयुक्त को सख्त रुख अपनाने पर बाध्य होना पड़ता है।
सबूतों के साथ रिपोर्ट पेश करने के आदेश
आयुक्त ने निर्देश दिए कि बॉटल नेक वाली सड़कों, गलत तरीके से किए गए ड्रेनेज कार्य, सड़कों पर जमा कचरा और मलवा, खाली प्लॉटों में सड़ता कचरा और खतरनाक ओवरहेड केबल्स जैसी सभी समस्याओं का फोटो सहित रिपोर्ट तत्काल सौंपा जाए, उन्होंने फीडर पिलर, पेड़ की सूखी शाखाओं से लटकते तार, अवैध विज्ञापन बोर्ड, सड़कों के किनारे गंदगी के ढेर जैसे उदाहरणों के जरिए अधिकारियों को जिम्मेदारी का एहसास कराया।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
- इन सबके बीच कुछ अधिकारी अपने वरिष्ठों को सिर्फ सुविधाजनक’ जानकारी देकर यह दावा करते हैं कि शहर में सब कुछ ठीक चल रहा है।
लेकिन आयुक्त ने यह दिखावा और कामचोरी को बर्दाश्त नहीं करने की सख्त चेतावनी दे दी है। - इसी वजह से हर शनिवार और रविवार की सुबह वे खुद अचानक निरीक्षण दौरे पर निकल रहे हैं। इसकी वजह से अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
- जहां बैठकों में विभाग प्रमुख ‘शहर में कोई समस्या नहीं होने का दावा कर रहे थे, वहीं मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने ढाई हजार तस्वीरों के जरिए शहर की वास्तविक स्थिति सामने लाकर रख दी है।
- इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए सभी समस्याओं का तुरंत निराकरण कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
साथ ही, कार्रवाई नहीं होने पर सीधे जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
कचरा प्रबंधन में सुधार और नई पहल
इसी क्रम में आयुक्त ने देवाची उरुली कचरा डिपो का दौरा कर बायोमाइनिंग परियोजना और 500 मैट्रिक टन क्षमता वाले मिश्रित कचरा प्रसंस्करण संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने हडपसर और घोले रोड ट्रांसफर स्टेशन के आधुनिकीकरण, घर-घर कचरा संकलन के लिए आधुनिक यंत्रणा, स्मार्ट कलेक्शन सेंटर और ‘वेस्ट टू एनर्जी’ परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। महानगरपालिका पर्यावरणीय दृष्टि से सतत और प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है। आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में नागरिकों के सहयोग से स्वच्छ और हरित पुणे की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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शहर की वास्तविक समस्याएं उजागर
शहर में गंदगी के ढेर, अतिक्रमण, खराब सड़कें, नालों में भरा कचरा, अधूरी ड्रेनेज लाइन, सड़कों पर मलबा, ओवरहेड केबल्स का जंजाल और अवैध विज्ञापन फलक जैसी कई समस्याएं हैं। इन सभी मुद्दों की हकीकत जानने के लिए महानगरपालिका ने ‘ह्युमन मैट्रिक्स कंसल्टिंग एजेंसी को मौके पर जाकन फोटोग्राफी रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा था। इस रिपोर्ट ने अफसरों की लापरवाही की पोल खोल दी है। इस समीक्षा बैठक में जोन उपायुक्त, 15 सहायक आयुक्त तथा ठोस कचरा प्रबंधन ड्रेनेज, वाटर सप्लाई, अतिक्रमण, विद्युत और आकाश चिन्ह विभागों के अधिकारी
उपस्थित थे।
