पार्थ पवार व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule On Parth Pawar Clean Chit: महाराष्ट्र की राजनीति में गरमाए पुणे के मुंधवा जमीन घोटाले को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि इस मामले की जांच कर रही विकास खरगे समिति ने अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है। बावनकुले ने मीडिया में चल रही उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को इस मामले में ‘क्लीन चिट’ मिल गई है।
पुणे के मुंधवा इलाके में स्थित लगभग 40 एकड़ जमीन के सौदे को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। आरोप है कि यह जमीन ‘अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी’ को 300 करोड़ रुपये में बेची गई थी। पार्थ पवार इस कंपनी में एक प्रमुख भागीदार बताए जाते हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब यह तथ्य सामने आया कि बेची गई जमीन वास्तव में सरकारी थी और नियमतः इसे बेचा ही नहीं जा सकता था।
इतना ही नहीं, इस सौदे में एक और गंभीर आरोप यह है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी के भुगतान से अवैध रूप से छूट दी गई थी। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।
मंत्री बावनकुले ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति इस खरीद विलेख (Sale Deed) के पंजीकरण में हुई प्रक्रियात्मक खामियों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति ने अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए 8 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे सरकार द्वारा मंजूरी दे दी जाएगी।
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राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक आधिकारिक रिपोर्ट मेज पर नहीं आ जाती, तब तक किसी को भी दोषमुक्त या क्लीन चिट देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि वे इतने गंभीर मुद्दे पर अटकलें न लगाएं और न ही भ्रम फैलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है और रिपोर्ट आने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।