पुणे मेट्रो पार्किंग (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Metro Master Plan: शहर में सार्वजनिक परिवहन को सशक्त बनाने और मेट्रो यात्रियों की राह आसान करने के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना का मुख्य केंद्र यात्रियों को ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ और सुरक्षित पार्किंग की सुविधा देना है।
वर्तमान में फीडर सेवा और पार्किंग की कमी के कारण कई नागरिक मेट्रो का विकल्प छोड़कर निजी वाहनों से सफर करने को मजबूर हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मनपा ने मेट्रो रूट के पास अपनी खाली जमीनों का विस्तृत सर्वेक्षण किया है।
प्रोजेक्ट विभाग के मुख्य अभियंता दिनकर गोजारे ने बताया कि प्रशासन ने कुल 34 संभावित भूखंडों का निरीक्षण किया था, जिनमें से 31 स्थानों पर पार्किंग सुविधा विकसित किया जाएगा। यह सुविधा स्वारगेट-पिंपरी, वनाज-रामवाड़ी और निर्माणाधीन शिवाजीनगर-हिंजवड़ी रूट के यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।
प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित पार्किंग मिलने से निजी वाहनों का सड़क पर दबाव कम होगा और मेट्रो की राइडरशिप में भारी इजाफा होगा। एक तरफ जहां मौजूदा रूटों पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रस्तावित वाकड-कात्रज-शेवालेवाडी कॉरिडोर को लेकर पीएमसी बेहद सतर्क है।
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इस रूट की भारी लागत और तकनीकी पेचीदगियों को देखते हुए प्रशासन ने ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। प्रशासन ने महामेट्रो को पत्र भेजकर ‘कॉर्मप्रहेन्सिव मोबिलिटी प्लान’ के तहत समीक्षा करने को कहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि भारी निवेश से पहले यात्रियों की संभावित संख्या और आर्थिक व्यवहार्यता का डेटा जुटाना अनिवार्य है। हालांकि, यह रूट आईटी हब वाकड और दक्षिण पुणे के कात्रज को जोड़ने वाला एक ‘गेम चेंजर’ प्रोजेक्ट माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर ही अगला कदम उठाएगा।