अग्निशमन केंद्र न होने से बढ़ा नुकसान, पुणे के लोणी कालभोर में भीषण आग; 4 जब्त वाहन जलकर खाक
Pune Fire Incident: पुणे के लोणी कालभोर में भीषण आग में पुलिस द्वारा जब्त चार वाहन जलकर खाक हो गए। अग्निशमन केंद्र न होने से राहत कार्य में देरी हुई, हडपसर से दमकल पहुंचने तक नुकसान हो चुका था।
- Written By: अंकिता पटेल
Pune Seized Vehicles Burned( Source: Social Media )
Pune Seized Vehicles Burned: पुणे हवेली तहसील के लोणी कालभोर में भीषण अग्निकांड में पुलिस द्वारा विभिन्न अपराधों में जब्त किए गए चार वाहन जलकर खाक हो गए। दोपहर करीब 12 बजे बाजारतल इलाके में अचानक आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विशाल वेदपाठक ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र पन्हाले अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र न होने के कारण पुलिस और ग्राम पंचायत प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पानी के टैंकरों से ही संघर्ष करना पड़ा, आग इतनी भयावह थी कि साधारण संसाधनों से उसे नियंत्रित करना असंभव था।
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आखिरकार हडपसर अग्निशमन केंद्र से दमकल की गाड़ी बुलाई गई। हडपसर से लोणी कालभीर तक का फासला तय करने में दमकल कर्मियों को समय लगा और जब तक टीम मौके पर पहुंची, तब तक चारों वाहन पूरी तरह जलकर कोयला हो चुके थे। तांडेल शौकत शेख और उनकी टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है, हालांकि तत्परता के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। लोणी कालभोर और उरुली कांचन जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए अग्निशमन केंद्र की मंजूरी केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।
पिछले एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने धरातल पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक हडपसर या वाघोली से दमकल की गाड़ियां पहुंचती हैं, तब तक भारी नुकसान हो चुका होता है। प्रशासन ने जन आक्रोश के बाद जिले में 10 स्थानों पर अग्निशमन केंद्रों को मंजूरी दी थी, लेकिन हकीकत में अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
कम दूरी पर गाड़ियां, फिर भी नहीं मिली मदद
इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और निजी कंपनियों की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोणी कालभोर में दो बड़ी तेल कंपनियों के पास अपने अत्याधुनिक अग्निशमन यंत्र और गाड़ियां मौजूद हैं।
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स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि संकट के समय ये कंपनियां ‘गाड़ी खराब है’ जैसे बहाने बनाकर मदद से पल्ला झाड़ लेती हैं। बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में लगी यह आग यदि रिहायशी क्षेत्र तक फैल जाती, तो बड़ी त्रासदी हो सकती थी। अब नागरिक मांग कर रहे हैं कि मंजूर अग्निशमन केंद्र को तत्काल शुरू किया जाए,
