अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Judicial Custody: महाराष्ट्र के नासिक में धर्म और आस्था के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को नासिक जिला सत्र न्यायालय में हुई महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी खरात को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का कड़ा आदेश सुनाया है। सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, आरोपी को भौतिक रूप से कोर्ट में पेश न कर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई न्यायमूर्ति बीएन ईचपुराणी की अदालत में हुई। इस दौरान सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक शैलेंद्र बागड़े ने दलीलें पेश कीं, जबकि आरोपी अशोक खरात की पैरवी अधिवक्ता सचिन भाटे ने की। जांच अधिकारी किरण कुमार सूर्यवंशी भी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत ने आरोपी से पहचान की पुष्टि की और उसे जेल भेजने का निर्देश दिया।
सरकारी वकील शैलेंद्र बागड़े के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले में भी अदालत ने कस्टडी आवेदन को मंजूरी दे दी है। अब अशोक खरात को नासिक सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, मामले की गहराई से जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) जल्द ही उसे नए मामलों में पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अन्य एजेंसियां अपनी जरूरत के अनुसार कस्टडी के लिए आवेदन दे सकती हैं।
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अदालत ने निर्देश दिया है कि खरात को गुरुवार को पुनः न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए, जहां अन्य लंबित मामलों और कस्टडी की मांगों पर विचार होगा। नासिक पुलिस इस मामले में बाबा के नेटवर्क और उसके द्वारा किए गए आर्थिक लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी के बाद से ही क्षेत्र में बाबा के अनुयायियों और विरोधियों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।