Pune Pipeline Work Incomplete( Source: Social Media )
Pune Pipeline Work Incomplete: पुणे खेड तहसील के सुरकुंडी गांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पिछले दो-तीन वर्षों से गांव में जलापूर्ति योजना का काम अधर में लटका हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
शुरुआती दौर में काम में तेजी दिखाई गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और अतिरिक्त मंजूरी के नाम पर अब ठेकेदार ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे पूरे गांव में आक्रोश व्याप्त है।
पाइप डालने के लिए जगह-जगह खुदाई योजना के तहत गांव के विभिन्न हिस्सों में पाइपलाइन बिछाने के लिए बड़े पैमाने पर खुदाई की गई थी। ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण कई जगहों पर जीआई पाइप जमीन में गाड़ने के बजाय खुले में ही छोड़ दिए गए हैं।
इससे किसानों को अपने खेतों में हल चलाने और अन्य कृषि कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत न किए जाने से मानसून के दौरान कीचड़ और गड्डों की समस्या और भी गंभीर हो गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी का निर्माण अत्यंत निकृष्ट दर्जे का है। अभी से टंकी की दीवार का स्लैब गिरने लगा है, जिससे इसकी मजबूती पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत द्वारा इस संबंध में ग्रामीण जलापूर्ति विभाग और संबंधित उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत ने विशेष ग्राम सभा की बैठक कर आयोजन किया था, जिसमें संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है। शाखा अभियंता श्रृंगारे को भी मौखिक और लिखित रूप से सूचित किया गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यहां पर पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों को अधूरा छोड़ने से स्कूली बच्चों और बुजुगों का चलना दूभर हो गया है। जल जीवन मिशन के तहत पाइप बिछाने के बावजूद नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है, जिससे नागरिकों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
कर-बार मिल रहे प्रशासनिक आश्वासनी से ऊब चुके ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि टैक्स भरने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है।
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प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के कारण गांव की सड़कों की हालत खराब हो गई है और पीने के पानी का संकट बरकरार है। हमने बार-बार शिकायत की है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो हमे सड़क पर उतरना पड़ेगा।
– खेड, सुरकुंडी, ग्रामीण, रमेश पवार