बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर पश्चिम रेलवे की बड़ी कार्रवाई, गोरेगांव-मालाड में हटे अवैध ढांचे
Western Railway Goregaon Malad Encroachment: बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद पश्चिम रेलवे ने गोरेगांव-मालाड रेल कॉरिडोर में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर 60 अवैध ढांचे हटाए।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
Western Railway Goregaon Malad Encroachment News: बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद पश्चिम रेलवे ने गोरेगांव-मालाड रेल कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 36 पक्के और 24 अस्थायी अवैध ढांचों को हटाकर करीब 1500 वर्ग मीटर रेलवे जमीन खाली कराई गई।
इस दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त और सुरक्षा व्यवस्था के बीच चिंचोली फाटक, हाजी बापू रोड, धोबी घाट और गोविंद नगर इलाके में यह कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की गई। इसे रेलवे और बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 26 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के बाद की गई। रेलवे भूमि पर बसे निवासियों ने प्रस्तावित तोड़फोड़ के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर संरक्षण की मांग की थी।
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हालांकि अदालत ने यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया कि याचिकाकर्ता रेलवे भूमि पर वैध अधिकार को साबित नहीं कर सके। इसके बाद अदालत ने रेलवे प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की अनुमति दे दी।
1500 वर्ग मीटर क्षेत्र अतिक्रमण से कराया गया मुक्त
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रशासन को प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास तलाशने में मन करने के प्रयास करने की भी सलाह दी थी। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनी अभिषेक ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया अ लगभग 1,500 वर्गमीटर क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि खाली कराई गई जमीन को अब सुरक्षित कर लिया गया है।
सुरक्षा के लिए किए गए थे व्यापक इंतजाम
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर मुंबई पुलिस के 168 जवान, रेलवे सुरक्षा बल के 25 कर्मी, सरकारी रेलवे पुलिस के 65 जवान और रेलवे विभाग के 80 कर्मचारी तैनात थे। अभियान में तीन एक्सकेवेटर और तीन डंपरों का उपयोग किया गया।
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अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में 26 पक्के ढांचे हटाए गए, जिसके बाद शेष अतिक्रमण भी साफ कर दिए गए। रेलवे ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि खाली कराई गई जमीन का उपयोग किस परियोजना के लिए किया जाएगा, लेकिन पश्चिम रेलवे, मुंबई रेलवे विकास महामंडल और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने अदालत को बताया था कि यह भूमि रेलवे विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक है।
