पुणे के खड़कवासला बांध के जलस्रोतों में गंदा पानी छोड़ने का आरोप, होटलों पर कार्रवाई की मांग

Pune Dam Issue: पुणे के खड़कवासला बांध के जल स्रोतों में होटलों और रेस्टोरेंटों का गंदा पानी छोड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। राकांपा नेता अमोल बालवडकर ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Case of discharging polluted water into the water sources of Khadakwasla Dam in Pune
खड़कवासला बांध जल प्रदूषण पुणेसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • खड़कवासला बांध के जलस्रोतों में होटलों और रेस्टोरेंटों का दूषित पानी छोड़ने का आरोप।

  • नगरसेवक अमोल बालवडकर ने पुणेकरों की सेहत पर खतरा जताते हुए जांच की मांग की।

  • बांध परिसर में नियमित गश्त, एसटीपी लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।

Khadakwasla Dam Water Pollution: पुणे शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले खड़कवासला बांध के जलस्रोतों में आसपास के कुछ होटलों और रेस्टोरेंटों का दूषित पानी सीधे छोड़े जाने का आरोप सामने आया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नगरसेवक अमोल बालवडकर ने इस पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच और दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्रोतों में बिना शोधन के गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, तो इससे जलापूर्ति की गुणवत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

आसपास के गांवों में दूषित पानी छोड़ने का आरोप

नगरसेवक अमोल बालवडकर ने खड़कवासला बांध परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि गोरे बुद्रुक, गोरे खुर्द, सिंहगढ़ की तलहटी, खानापुर, मांडवी और कुडजे सहित आसपास के गांवों में स्थित कुछ होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठान दूषित पानी सीधे जलस्रोतों में छोड़ रहे हैं।

बालवडकर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुणेकर नियमित रूप से करों का भुगतान करते हैं, ताकि उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित नागरिक सुविधाएं मिल सकें। उनके अनुसार, पुणे शहर के खड़कवासला के जलस्रोतों की सुरक्षा केवल आसपास के गांवों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि पुणे शहर के लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य से भी जुड़ी है।

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बांध परिसर में नियमित गश्त की मांग

बालवडकर ने प्रशासन से बांध परिसर में नियमित गश्त कराने और दूषित पानी छोड़ने वाले स्रोतों की पहचान कर विस्तृत जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना शोधन के गंदा पानी छोड़ने वाले होटलों, रेस्टोरेंटों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जिन प्रतिष्ठानों के लिए नियमों के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाना अनिवार्य है, वहां इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जलस्रोतों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप शोधित पानी छोड़े जाने की निगरानी होनी चाहिए।

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जलस्रोतों की सुरक्षा पर उठे सवाल

खड़कवासला बांध पुणे की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में जलस्रोतों में संभावित प्रदूषण की शिकायतों की जांच और पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिलहाल, होटलों और रेस्टोरेंटों से दूषित पानी छोड़े जाने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। प्रशासन की जांच और पानी के नमूनों की रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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