

Pune Municipal Corporation News: पुणे महानगरपालिका (PMC) के संपत्ति कर भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के कारण करीब 10 करोड़ रुपये की वसूली अटक गई है। एक अप्रैल 2026 से अब तक संपत्ति कर के रूप में मिले 2,150 चेक बैंक से वापस लौट चुके हैं। इन चेकों के जरिए करीब 18 करोड़ रुपये का भुगतान होना था। कानूनी नोटिस भेजने के बाद कुछ संपत्तिधारकों ने बकाया जमा कर दिया, लेकिन अब भी करीब 440 संपत्तिधारकों से 10 करोड़ रुपये की वसूली लंबित है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (विशेष) ओमप्रकाश दिवटे ने मंगलवार को कर निर्धारण एवं कर संकलन विभाग तथा विधि विभाग की संयुक्त बैठक लेकर लंबित मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेज उपलब्ध कराने में देरी के कारण कानूनी कार्रवाई का अवसर गंवाने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में सामने आया कि चेक बाउंस के मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत अदालत में प्रकरण दाखिल करने के लिए विधि विभाग ने कर विभाग से आवश्यक दस्तावेज मांगे थे। हालांकि, निर्धारित समय में दस्तावेज नहीं मिलने के कारण कुछ मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। इतना ही नहीं, कुछ प्रकरणों में कानूनी कार्रवाई की निर्धारित समय-सीमा भी समाप्त हो गई है।
दिवटे ने कर विभाग को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की विस्तृत सूची तैयार कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ चार दिन के भीतर अलग-अलग फाइलें विधि विभाग को सौंपी जाएं। इनमें बकाया संपत्ति कर का विवरण, भुगतान की रसीद या संबंधित दस्तावेज, चेक की मूल या उपलब्ध प्रति तथा बैंक का चेक रिटर्न मेमो शामिल होना चाहिए। विधि विभाग द्वारा जारी कानूनी नोटिस और उसके तामील होने का प्रमाण भी संबंधित फाइल में जोड़ा जाएगा।
जिन मामलों में धारा 138 के तहत कार्रवाई करने की समय-सीमा अभी बाकी है, उनमें निर्धारित अवधि के भीतर अदालत में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिन मामलों में यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, उनमें उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों की जांच कर दीवानी या अन्य वैधानिक उपायों से बकाया वसूली के प्रयास करने को कहा गया है।
चेक बाउंस होने के मामलों में संबंधित संपत्तिधारकों से प्रशासनिक खर्च वसूल नहीं किए जाने पर भी बैठक में नाराजगी जताई गई। प्रत्येक बाउंस चेक के मामले में करीब 5,000 रुपये प्रशासनिक खर्च के रूप में वसूलने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुणे मनपा के कर विभाग को संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों की जांच कर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, यह भी स्पष्ट करना होगा कि नियमानुसार यह राशि संबंधित संपत्तिधारक के अगले वर्ष के संपत्ति कर बिल में अलग से दर्शाकर वसूल की जा सकती है या नहीं।
दिवटे ने दोनों विभागों को आपसी समन्वय से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और वसूली के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने को कहा। दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराने के कारण कानूनी कार्रवाई लंबित रहने या समय-सीमा समाप्त होने के मामलों में देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कर निर्धारण एवं कर संकलन विभाग के उपायुक्त रवि पवार, मुख्य विधि अधिकारी निशा चव्हाण, सहायक विधि अधिकारी प्राजक्ता भुतडा, प्रशासन अधिकारी सोपान वांजले सहित संबंधित मामलों को देखने वाले अधिवक्ता और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट