

Varun Sardesai Demands: बांद्रा पूर्व विधानसभा क्षेत्र विधायक और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के सचिव वरुण सरदेसाई ने मुंबई में सड़कों के कांक्रीटीकरण के प्रस्तावित फेज-3 प्रोजेक्ट पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने बीएमसी आयुक्त को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। सरदेसाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस हालिया बयान का हवाला दिया है जिसमें उन्होंने देश के सामने बड़ी आर्थिक चुनौतियों की बात कही थी। विधायक ने सवाल उठाया है कि जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, तब महानगरपालिका 5 से 6 हजार करोड़ रुपए के इस नए भारी-भरकम खर्च पर क्यों अड़ी हुई है?
अपने पत्र में सरदेसाई ने उल्लेख किया है कि पिछले चार वर्षों में मुंबई की प्रमुख सड़कों के कंक्रीटीकरण पर जनता की मेहनत के लगभग 10 से 12 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद, फेज-1 और फेज-2 के कई काम अधूरे ही हैं और कई जगहों पर सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे नागरिकों को भीषण ट्रैफिक जाम, धूल और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पूर्व में हुए इन कार्यों में 'कार्टलाइजेशन' और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नए काम शुरू करने के बजाय बीएमसी को पहले से जारी अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।
विधायक सरदेसाई ने विशेष रूप से ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के साथ सटे सर्विस रोड को फिर से खोदकर कांक्रीटीकरण करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ये अधिकांश सर्विस रोड अच्छी स्थिति में हैं और जहां मामूली गड्ढे हैं, उन्हें डामर (एस्फाल्ट) से आसानी से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन अच्छी सड़कों को दोबारा खोदा गया, तो मुंबईकरों की मुसीबतें और बढ़ जाएंगी और यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव निर्माण होगा।
बीएमसी प्रशासन से अपील करते हुए वरुण सरदेसाई ने कहा है कि फिजूलखर्ची करने के बजाय प्रशासन को उन जगहों पर ध्यान देना चाहिए, जहां वास्तव में मरम्मत की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सर्विस रोड से अतिक्रमण हटाकर यातायात को सुचारू बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
विधायक ने मांग की है कि प्रस्तावित फेज-3 की प्रक्रिया पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और जनता के पैसे की बर्बादी को रोकने के लिए इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए।