Pune Garbage Crisis: पुणे में कचरा संकट पर सियासत तेज, कांग्रेस ने लगाया 700 करोड़ घोटाले का आरोप
Pune Garbage Crisis: पुणे में बढ़ती कचरा समस्या को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक विशेष ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए कृत्रिम कचरा संकट पैदा किया जा रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Garbage Crisis News: शहर में एक विशेष ठेकेदार को कचरा प्रबंधन का ठेका दिलाने के लिए कथित रूप से कृत्रिम रूप से कचरा संकट पैदा किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि तात्कालिक कार्य का हवाला देकर करोड़ों रुपये की निविदा जारी कर संबंधित ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए सोमवार से समीक्षा बैठकें और मौके पर प्रत्यक्ष निरीक्षण शुरू करने की घोषणा की है।
वहीं, विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण पुणे महानगर पालिका की सामान्य सभा स्थगित कर दी गई, जिससे इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
सम्बंधित ख़बरें
चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर रील बनाना पड़ सकता है भारी, पुणे आरटीओ सख्त
घाटकोपर में महापौर रितु तावड़े का एक्शन, अवैध पार्किंग और नशीले पदार्थों पर कार्रवाई
बेटे को डॉक्टर बनाकर मेडिकल कॉलेज खोलने की फिराक में था NEET पेपर लीक में घिरा शिवराज मोटेगांवकर
BMC Railway Drain Cleaning: मानसून से पहले बीएमसी अलर्ट, नाला और रेलवे कल्वर्ट सफाई कार्य तेज
सत्ता-विपक्ष में तीखी बहस
सामान्य सभा में शहर में बढ़ती कचरा समस्या को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। नगरसेवकों ने आरोप लगाया कि शहर के विभिन्न इलाकों में पिछले आठ दिनों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, जिससे पूरे शहर में गंदगी फैल गई है।
प्रशासनिक लापरवाही का खुलासा
विपक्ष का कहना था कि यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जबकि सत्ता पक्ष ने भी कचरा प्रबंधन व्यवस्था में कमियों की बात स्वीकार की। महानगर पालिका आयुक्त नवल किशोर राम ने कहा कि कचरा समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर है और सोमवार से विभागीय स्तर पर बैठकें कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही संबंधित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण भी किया जाएगा।
कचरा माफिया की सक्रियता से बढ़ी लोगों की परेशानी
कांग्रेस नगरसेवक अरविंद शिंदे ने आरोप लगाया कि शहर में कचरा सामान्य रूप से जमा नहीं हुआ, बल्कि इसे जानबूझकर जमा होने दिया गया है। उन्होंने कहा कि कचरा माफिया सक्रिय है और शहरवासियों को परेशान किया जा रहा है।
उनके अनुसार 500 टन क्षमता की एक बड़ी निविदा को मंजूरी न मिलने के कारण कचरा उठाव प्रभावित हुआ है, और इसके जरिए लगभग 700 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की तैयारी की जा रही है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
दो प्रोसेसिंग प्लांट बंद
सामान्य सभा के दौरान कार्यवाही स्थगित होने पर नगरसेवकों ने मांग की कि कम से कम चर्चा की अनुमति दी जाए, लेकिन आयुक्त ने आचार संहिता का हवाला देते हुए नियमों के अनुसार सभा स्थगित कर दी। इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने असतोष जताया।
ये भी पढ़ें :- चलती कार के सनरूफ से बाहर निकलकर रील बनाना पड़ सकता है भारी, पुणे आरटीओ सख्त
शहर में कचरा प्रसंस्करण व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। केशवनगर स्थित दो प्रोसेसिंग प्लांट बंद पड़े हैं, जबकि रामटेकड़ी स्थित एक बड़े संयंत्र की क्षमता भी घट गई है। इसके चलते प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का एक बड़ा हिस्सा बिना प्रक्रिया के रह जा रहा है, जिससे अतिरिक्त दबाव और संकट की स्थिति बन गई है।
