शीतल तेजवानी (सौ. सोशल मीडिया )
Parth Pawar Land Scam: मुंडवा जमीन विवाद मामले में आरोपी शीतल तेजवानी गुरुवार की दोपहर साढ़े 12 बजे अपने वकीलों के साथ पुणे पुलिस आयुक्तालय पहुंचीं, जहां उनसे शाम करीब साढ़े पांच बजे तक 5 घंटे पूछताछ की गई।
वरिष्ठ पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह पूछताछ महार वतन की जमीन को पावर ऑफ अटॉनों के जरिए लेने वाले कागजात और अमेडिया कंपनी के साथ किए गए लेन-देन के संबंध में हुई। उन्हें शुक्रवार को फिर से बुलाया गया है।
पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शीतल का बयान दर्ज किया है। इससे पूर्व शीतल मंगलवार शाम 4 बजे के बाद पुलिस आयुक्तालय पहुंची थीं। उस दिन भी उनसे इस मामले में पूछताछ की गई थी और गुरुवार को भी वह पुणे पुलिस आयुक्तालय पहुंचीं।
मंगलवार को उनका प्रारंभिक बयान दर्ज किया गया था। उन्हें गुरुवार को संबंधित दस्तावेजों के साथ आने के लिए कहा गया था। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सवाल उठाया कि शीतल तेजवानी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार जिस अमेडिया कंपनी के निदेशक है, उस कंपनी के खिलाफ बोपोडी और मुंढवा के दो जमीन मामलों में पुणे के खड़क पुलिस स्टेशन में एक ही केरा किया गया था।
इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। दर्ज पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि अमेडिया कंपनी के निर्देशक दिग्विजय पाटिल और शीतल तेजवानी का बोपोडी जमीन मामले से कोई संबंध नहीं है।
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मुंढवा की जमीन महार वतन की है लेकिन 2006 में शीतल तेजवानी ने 275 व्यक्तियों से पावर ऑफ अटॉनी के जरिए यह जमीन हासिल की।
वर्ष 2025 में शीतल तेजवानी ने अमेडिया कंपनी के साथ अनुबंध करके यह जमीन उन्हें दे दी।
इस जमीन मामले में जून में कब्जा लेने का भी प्रयास किया गया था।