Cyber Fraud in Pune: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, कोंढवा की महिला बनी शिकार
Maharashtra: पुणे के कोंढवा इलाके में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर एक महिला से 4.82 करोड़ रुपये ठग लिए। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर रकम वसूली।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: शहर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कोंढवा इलाके में एक महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 4 करोड़ 82 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुणे साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायत के अनुसार, 18 दिसंबर को महिला को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। ठगों ने कहा कि महिला के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर देश के विभिन्न राज्यों में कई बैंक खाते खोले गए हैं, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेन-देन के लिए किया गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर फंसाया
ठगों ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि उसका नाम गंभीर आर्थिक अपराधों में सामने आया है और वह जांच के दायरे में है। गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए उसे बताया गया कि वह ‘डिजिटल अरेस्ट’ के तहत पुलिस निगरानी में है और घर से बाहर नहीं जा सकती।
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जांच के नाम पर ऐंठे करोड़ों रुपये
साइबर अपराधियों ने जांच प्रक्रिया पूरी करने और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर महिला से अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने कुल 4.82 करोड़ रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में जमा कर दिए।
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साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला
जब महिला को बाद में ठगी का एहसास हुआ, तो उसने साइबर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती और यह साइबर ठगों का नया हथकंडा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी से सावधान रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
