मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट, कोर्ट ने ED को दिया और वक्त

Robert Vadra News: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई अगले साल जनवरी में होगी।
Robert Vadra Priyanka Gandhi
रॉबर्ट वाड्रा
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Rouse Avenue Court on Robert Vadra: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति एवं बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सुनवाई हुई। यह सुनवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंदन में रह रहे भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई।

ईडी ने इस चार्जशीट से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज अदालत में जमा करने के लिए समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। विशेष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी 2026 को निर्धारित कर दी है। इस केस में वाड्रा को आरोपी बनाया गया है।

मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप

यह मामला 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी से शुरू हुआ था, जब संजय भंडारी के दिल्ली स्थित परिसरों पर रेड पड़ी थी। भंडारी एक विवादास्पद रक्षा सलाहकार हैं। उस पर डिफेंस डील्स में कमीशन लेकर विदेशी शेल कंपनियों के जरिए काले धन की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। ईडी की जांच के मुताबिक, भंडारी ने 2009 से 2016 के बीच यूएई-रजिस्टर्ड शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध कमाई को यूके और दुबई की संपत्तियों में निवेश किया।

अधिकारियों के अनुसार, इस साल जुलाई में पीएमएलए के तहत वाड्रा का बयान दर्ज किया गया था। फेडरल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने रॉबर्ट वाड्रा का संबंध भंडारी से जुड़े विदेशी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टीज से बताया, जिस पर पहले से ही विदेश में बिना बताए संपत्ति रखने का आरोप है।

भंडारी 2016 में भारत छोड़कर चला गया था। उसे तब से दिल्ली की एक कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। ईडी की जांच 2016 में भंडारी पर हुई इनकम-टैक्स रेड की एक श्रृंखला से शुरू हुई, जिसमें कथित तौर पर ऐसे ईमेल और डॉक्यूमेंट मिले थे जो वाड्रा और उसके साथियों के साथ उसके संबंधों की ओर इशारा करते थे।

ईडी ने पहले भारत में कई प्रॉपर्टीज अटैच की हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे वाड्रा या उनसे जुड़ी कंपनियों से जुड़ी हैं। साथ ही दावा किया है कि ये भंडारी के विदेशी लेन-देन से कमाए गए अपराध की कमाई हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ

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