

Pune COEP Orphan Students Scholarship: कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) में अतिरिक्त फीस वसूली, छात्रवृत्ति न मिलने और छात्रों पर दबाव बनाए जाने के गंभीर मुद्दों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एनएसयूआई महाराष्ट्र के अध्यक्ष सागर सालुंके ने एक पत्रकार वार्ता में विश्वविद्यालय के कुलपति को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। साथ ही, 21 अगस्त को हुई घटना से जुड़े कॉलेज परिसर और विजिटिंग रूम का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई है।
पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान NSUI महाराष्ट्र के अध्यक्ष सागर सालुंके के साथ संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर संगठन की उपाध्यक्ष श्वेता पाटील, प्रवक्ता ऋषिकेश खंडाले, प्रदेश सचिव एवं अधिवक्ता यश बनकर, प्रदेश सचिव प्रसन्ना मोरे और तेजस बनसोड सहित अन्य पदाधिकारियों ने छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
पदाधिकारियों ने कॉलेज में विद्यार्थियों से कथित अतिरिक्त फीस वसूली, छात्रवृत्ति में देरी और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर संगठन की भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने छात्रों की समस्याओं के समाधान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। साथ ही, विद्यार्थियों के हितों के लिए आगे भी आवाज उठाने की बात कही।
सागर सालुंके ने आरोप लगाया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से संस्थान में विकास शुल्क और अन्य मदों के नाम पर विद्यार्थियों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। पुणे शहर में संगठन द्वारा विरोध दर्ज कराने के बाद 19 अगस्त को प्रशासन ने फीस ढांचे में बदलाव का परिपत्र जारी किया, लेकिन यह विवाद अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।
NSUI कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान कुछ अनाथ विद्यार्थियों ने अपनी आर्थिक परेशानियों को सामने रखा। छात्रों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है, जिससे उनकी पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन की ओर से फीस जमा करने के लिए लगातार दबाव बनाए जाने का आरोप विद्यार्थियों ने लगाया। छात्रों का कहना है कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में अतिरिक्त फीस या समय पर फीस जमा करने का दबाव उनके लिए परेशानी बढ़ा रहा है।
संगठन ने प्रशासन से छात्रों की स्थिति को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने और लंबित छात्रवृत्ति जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।