Pune Municipal Corporation Election में महायुति आमने-सामने, मुफ्त मेट्रो यात्रा पर टकराव
Maharashtra Local Body Election: पुणे मनपा चुनाव प्रचार के दौरान महायुति में मतभेद खुलकर सामने आए हैं. अजीत पवार के मुफ्त यात्रा वादे को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अव्यावहारिक बताया।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार (सौ. डिजाइन फोटो )
Devendra Fadnavis Vs Ajit Pawar: पुणे की राजनीति में महायुति के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। पीएमसी चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त सुविधाओं के वादों ने गठबंधन के भीतर वैचारिक मतभेद उजागर कर दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में घोषित ‘मुफ्त यात्रा’ के मास्टरस्ट्रोक को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
फडणवीस का कड़ा रुख यह संकेत दे रहा है कि विकास बनाम लोकलुभावन राजनीति की यह लड़ाई अब गठबंधन के अंदरूनी समीकरण बदल सकती है। बता दें कि पीएमसी मनपा चुनाव के प्रचार और रैलियों ने राज्य की सत्ता में सहयोगी महायुति गठबंधन के भीतर की खींचतान को सतह पर ला दिया है।
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कानूनी पहलुओं को समझाया
उपमुख्यमंत्री ने ‘मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा’ का वादा किया था, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी तरह अव्यावहारिक करार दिया है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि जनता जागरूक है और वह ‘चुनावी जुमलों’ के बहकावे में नहीं आने वाली।
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मुफ्त मेट्रो टिकट वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए फडणवीस ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘घोषणाएं करने के लिए तो मैं आज यह भी कह सकता हूं कि पुणे से उड़ान भरने वाले सभी विमानों में महिलाओं के लिए टिकट मुफ्त कर दिए जाए, लेकिन क्या यह मुमकिन है?’ उन्होंने तकनीकी और कानूनी पहलुओं को समझाते हुए बताया कि मेट्रो परियोजना केवल राज्य सरकार का उपक्रम नहीं है, बल्कि इसमे केंद्र सरकार की बराबर की हिस्सेदारी है।
