Pune Municipal Corporation Election में महायुति आमने-सामने, मुफ्त मेट्रो यात्रा पर टकराव
Maharashtra Local Body Election: पुणे मनपा चुनाव प्रचार के दौरान महायुति में मतभेद खुलकर सामने आए हैं. अजीत पवार के मुफ्त यात्रा वादे को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अव्यावहारिक बताया।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार (सौ. डिजाइन फोटो )
Devendra Fadnavis Vs Ajit Pawar: पुणे की राजनीति में महायुति के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। पीएमसी चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त सुविधाओं के वादों ने गठबंधन के भीतर वैचारिक मतभेद उजागर कर दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में घोषित ‘मुफ्त यात्रा’ के मास्टरस्ट्रोक को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
फडणवीस का कड़ा रुख यह संकेत दे रहा है कि विकास बनाम लोकलुभावन राजनीति की यह लड़ाई अब गठबंधन के अंदरूनी समीकरण बदल सकती है। बता दें कि पीएमसी मनपा चुनाव के प्रचार और रैलियों ने राज्य की सत्ता में सहयोगी महायुति गठबंधन के भीतर की खींचतान को सतह पर ला दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
Pune Water Crisis Alert: एक दिन छोड़कर जलापूर्ति पर विचार, 1 मई तक होगा फैसला
पार्थ पवार का सियासी धमाका, ‘निर्विरोध’ हो सकता था चुनाव, लेकिन साजिश के तहत उतारे गए उम्मीदवार
Pune Yerawada Property Fraud: मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार, मृतक के नाम पर बनाई फर्जी पहचान
Pune Minor Rape Case: दुष्कर्म का आरोपी सिक्योरिटी गार्ड फरार, POCSO के तहत केस दर्ज
कानूनी पहलुओं को समझाया
उपमुख्यमंत्री ने ‘मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा’ का वादा किया था, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरी तरह अव्यावहारिक करार दिया है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि जनता जागरूक है और वह ‘चुनावी जुमलों’ के बहकावे में नहीं आने वाली।
ये भी पढ़ें :- Pune Municipal Election: मनपा चुनाव प्रचार थमा, 13 से 16 जनवरी तक ड्राई डे लागू
मुफ्त मेट्रो टिकट वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए फडणवीस ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘घोषणाएं करने के लिए तो मैं आज यह भी कह सकता हूं कि पुणे से उड़ान भरने वाले सभी विमानों में महिलाओं के लिए टिकट मुफ्त कर दिए जाए, लेकिन क्या यह मुमकिन है?’ उन्होंने तकनीकी और कानूनी पहलुओं को समझाते हुए बताया कि मेट्रो परियोजना केवल राज्य सरकार का उपक्रम नहीं है, बल्कि इसमे केंद्र सरकार की बराबर की हिस्सेदारी है।
