Mahayuti की जीत पर फडणवीस का अजीत पवार पर तंज, बोले- “पुणे का असली दादा कोई नेता नहीं, पुणेकर हैं”
Devendra Fadnavis Statement: पुणे निकाय चुनाव में महायुति की बड़ी जीत के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि पुणे का असली “दादा” कोई नेता नहीं, बल्कि पुणे की जनता है।
- Written By: अपूर्वा नायक
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
Pune News In Hindi: पुणे और पिंपरी-चिंचवड के हालिया निकाय परिणामों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। महायुति की प्रचंड जीत के बाद शनिवार को पुणे पहुंचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया कि शहर की सत्ता की कमान अब किसी खास व्यक्ति के ‘वर्चस्व’ में नहीं, बल्कि जनता के हाथ में है।
मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आज यह पूरी तरह साबित हो गया है कि पुणे का असली ‘दादा’ कोई नेता नहीं, बल्कि पुणे की जनता है। पुणेकर ही असली दादा हैं।’ मुख्यमंत्री शनिवार को पुणे के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर’ के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
विकास के आगे सभी जातीय समीकरण हुए फेल
इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में चुनाव परिणामों, विपक्ष की स्थिति और शहर के भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक पंडितों के तमाम दावे इस चुनाव में ध्वस्त हो गए हैं।
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उन्होंने कहा, ‘कई लोगों ने अलग-अलग जातीय समीकरण और गठबंधन के गणित पेश किए थे, लेकिन पुणेकरों ने केवल और केवल विकास को चुना। यह जीत हमारे काम करने के तरीके पर जनता की आधिकारिक मुहर है।’
अजीत पवार और विपक्ष पर प्रहार
पुणे की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए फडणवीस ने सधे हुए अंदाज में कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि जनता ने किसी व्यक्ति को नकारा है, बल्कि यह कहूंगा कि उन्होंने विकास के एजेंडे को स्वीकार किया है।’
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों को अब आत्मचिंतन की जरूरत है। फडणवीस ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘विरोध करने के लिए मैदान में उतरना पड़ता है, घर बैठकर राजनीति नहीं होती।’ मनसे और राज ठाकरे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि गठबंधन का नुकसान राज ठाकरे को हुआ, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ उद्धव ठाकरे की झोली में गया।
महायुति की रिकॉर्ड जीत के साथ बढी जिम्मेदारी
भाजपा महायुति द्वारा 119 सीटें जीतकर बनाए गए रिकॉर्ड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विजय उत्सव से ज्यादा जिम्मेदारी का अहसास कराती है।
उन्होंने कहा, ‘जनता ने हमें जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान करते हुए हम नए महापौर के शपथ ग्रहण के दूसरे दिन से ही काम पर लग जाएंगे, पुणे और पिपरी-चिंचवड देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र है। यहां का प्रशासन पारदर्शी और गतिशील होना चाहिए, जिसे हम सुनिश्चित करेंगे।’
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पार्टी में अब अनुभव और युवा जोश का अनोखा संगम
नवनिर्वाचित पार्षदों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी में 90 प्रतिशत चेहरे अनुभवी और जमीन से जुड़े हैं। उन्होंने मुरलीधर मोहोल और महेश लांडगे जैसे नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि संगठन अब भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि पार्टी में नए लोगों की संख्या 10 प्रतिशत है। अधिकाश चेहरे अनुभवी और जमीनी स्तर पर काम करने वाले हैं।
