Pune ACB की कार्रवाई, लिक्विडेटर व ऑडिटर को 8 करोड़ रिश्वत मांगते गिरफ्तार किया
Pune ACB ने सहकारी सोसायटी के लिक्विडेटर और ऑडिटर को 8 करोड़ की रिश्वत मांगने और 30 लाख लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शेयर सर्टिफिकेट और नीलामी प्रक्रिया में लाभ के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
- Written By: अपूर्वा नायक
रिश्वतखोरी (सौ. सोशल मीडिया )
Pune News In Hindi: सहकारिता विभाग द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर और ऑडिटर को एसीबी की टीम ने 8 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगकर उसमें से 30 लाख लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
इन दोनों ने मिलकर धनकवड़ी की एक सहकारी सोसायटी के नए सदस्यों को शेयर सर्टिफिकेट देने के लिए, साथ ही भविष्य में होने वाली नीलामी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए व्यक्ति को सोसायटी की जगह दिलाने के लिए 8 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
यह कार्रवाई शनिवार पेठ में की गई। रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों के नाम लिक्विडेटर विनोद देशमुख और ऑडिटर भास्कर पोल हैं। एसीबी की टीम ने इन्हें हिरासत में ले लिया है। इस मामले में एक 61 वर्षीय व्यवसायी ने विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में एसटी यात्रा होगी पूरी तरह डिजिटल, 51 लाख लोगों ने बनवाया NCMC स्मार्ट कार्ड
नवभारत विशेष: भारतीय क्रू वाले जहाजों पर अमेरिकी हमले क्यों? अब तक 7 नाविक मारे गए
अहमदाबाद विमान हादसा: पहली बरसी पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने विजय रुपाणी को दी श्रद्धांजलि
Lichi Health Benefits: स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना है लीची, जानिए इसके फायदे
एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता व्यवसायी हैं और उनका कार्यालय शनिवार पेठ में है। शिकायत के आधार पर देशमुख और पोल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने केवल एक दिन में सत्यापन करके यह कार्रवाई की।
शेयर्स सर्टिफिकेट के लिए किया था आवेदन
शिकायतकर्ता धनकवड़ी की एकता सहकारी सोसायटी के नए सदस्य हैं। पुराने सदस्यों से इस सोसायटी के शेयर्स नए सदस्यों ने खरीदे थे। इसी वजह से पुराने और नए सदस्यों में विवाद उत्पन्न हो गया था। मामला सहकारिता विभाग के पास पहुंचा और प्रशासक की नियुक्ति की गई।
प्रशासक ने जांच कर एक रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। शिकायतकर्ता व्यवसायी और अन्य 32 नए सदस्यों ने 2023 में तत्कालीन प्रशासक पोल के पास शेयर्स सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था लेकिन घोल ने उनका आवेदन लंबित रखा और अन्य 32 नए सदस्यों के आवेदन निपटा दिए।
ये भी पढ़ें :- पुलिस की गिरफ्त में गुजरात के साइबर ठग, डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 1.51 करोड़ की ठगी
सितंबर 2025 में शिकायतकर्ता ने पोल से पूछताछ की शिकायत में कहा गया कि तब घोल ने प्रमाणपत्र देने के लिए, खुद के लिए और देशमुख के लिए उ करोड़ की और नीलामी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए व्यक्ति को सोसायटी की जगह दिलाने के लिए 5 करोड़ सहित 8 करोड़ रुपये की मांग की थी।
