सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Sewage treatment rural Pune: पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने पुणे महानगर सीमा के भीतर आने वाले ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
प्राधिकरण ने पांच प्रमुख तालुका के खेड, मावल, मुलशी, हवेली और शिरूर के कुल 27 गांवों में सीवेज और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने की योजना बनाई है।
इसके लिए लगभग 976.17 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है, और 6 फरवरी को पांच अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। इस परियोजना के तहत, 27 गांवों में सीवर नेटवर्क का जाल बिछाया जाएगा और संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वच्छता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही यह योजना पुणे की नदियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिहाज से बेहद अहम है, क्योंकि इन गांवों से निकलने वाला अपशिष्ट जल बिना किसी उपचार के सीधे नदियों में जाता है।
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यह परियोजना पुणे की प्रमुख नदियों इंद्रायणी, पवना और मुला के जल की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करेगी। इन संयंत्रों के चालू होने से गंदे पानी का शोधन करके उसे नदियों में छोड़ा जाएगा, जिससे नदियों में प्रदूषण कम होगा और भूजल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके अलावा, पीएमआरडीए ने इंद्रायणी और पवना नदी सुधार परियोजना के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है।