

Delhi Mumbai Expressway Deadline Extension: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ गई है।
राजधानी एक्सप्रेस से भी कम समय में सड़क मार्ग से मुंबई से दिल्ली तक की दूरी कम करने वाले दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस का इंतजार बढ़ गया है। बताया गया है,1350 किमी के इस एक्सप्रेसवे का अब तक 80 से 82 % काम हो पाया है।
अभी एक्सप्रेस वे का लगभग 875 किलोमीटर लंबा हिस्सा आवागमन के लिए खोल दिया गया है। देश के 6 राज्यों से गुजरने वाले 8 लेन के इस एक्सप्रेस वे के काम को लेकर गुजरात-एमपी के बीच कई रुकावट आ रही है। इसके अलावा अभी भी कुछ स्थानों पर जमीन अधिग्रहण को लेकर समस्या बरकार है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, नितिन गडकरी के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का दिल्ली से वडोदरा तक का हिस्सा मई 2026 तक यातायात के लिए खुल जाएगा। फिलहाल कुछ रुकावटें आ रहीं हैं। जिसमें बिजली का खंभा, बिजली की लाइन और लैंड-स्लाइडिंग की समस्या शामिल हैं।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। इस बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट को कुल 48 पैकेज में बांटा गया है। कुछ पैकेज में ज़मीन अधिग्रहण और पेड़ काटने की इजाजत में देरी, यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी आदि स्थानीय व ठेकेदार की समस्याओं की वजह से देरी हुई है।
बताया गया कि वडोदरा से मुंबई तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के हिस्से में गुजरात के तीन पैकेज (गंडेवा से वापी) में काम पूरा होने में देरी होगी। वापी से आगे मुंबई के जेएनपीए तक बनने वाला एक्सप्रेस वे अप्रैल 2028 पूरा हो जाने का दावा किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली से वडोदरा तक के हिस्से के पूरा होने की बदली हुई डेडलाइन मई 2026 है। जबकि वडोदरा से मुंबई तक 3 पैकेज के काम को अप्रैल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा हो जाने के बाद दिल्ली से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक की दूरी लगभग 180 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा आधे से भी कम समय यानी 12 घंटे में सड़क मार्ग से मुंबई से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा।
इस समय मुंबई से दिल्ली के लिए रेल मार्ग द्वारा राजधानी एक्सप्रेस से 15 से 16 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेस वे से उससे भी कम समय में दिल्ली की यात्रा की जा सकेगा। देश के सबसे लंबे ग्रीन हाइवे को बनाने की कुल लागत 1,03,636 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 71,718 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस एक्सप्रेस वे पर ई वाहनों के चलने के लिए अलग लेन की व्यवस्था होगी इसके अलावा भविष्य में 8 लेन से इसका विस्तार 12 लेन तक किया जा सकेगा।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट