पुणे में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए PMRDA का बड़ा प्लान, 17 चौराहों का होगा कायाकल्प
PMRDA Pune Improvement Project: पुणे महानगर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए PMRDA ने 17 प्रमुख चौराहों के सुधार की योजना बनाई है। इस परियोजना से यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पीएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया )
PMRDA Pune Improvement Project Traffic Relief: पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (PMRDA) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बढ़ते यातायात और ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है।
प्राधिकरण ने क्षेत्र के 17 महत्वपूर्ण चौराहों (जंक्शन्स) के सुधार का निर्णय लिया है। इस विस्तृत ‘जंक्शन इम्प्रूवमेंट’ परियोजना पर लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शहरीकरण और बढ़ता दबाव
पुणे जिले के उपनगरों जैसे चाकण, तालेगांव, लोणीकंद, शिक्रापुर, पिरंगुट और सासवड में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व औद्योगिक और आवासीय विकास हुआ है। इस विकास के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है, लेकिन बुनियादी ढांचा और चौराहों की बनावट अब भी पुरानी है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए पीएमआरडीए ने इन 17 प्रमुख स्थानों का चयन किया है।
सम्बंधित ख़बरें
शरद पवार डिनर डिप्लोमेसी; सियासी कड़वाहट के बीच मोदी बाग में इकट्ठा होगा पूरा परिवार, सुनेत्रा भी होंगी शामिल!
बनारस-हड़पसर अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ, यूपी-महाराष्ट्र रेल कनेक्टिविटी मजबूत
पुणे में टैंकर जलापूर्ति पर बड़ा सवाल, मीटर बंद और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी के आरोप
‘तरबूज से तौबा’, 4 लोगों की मौत का कारण बने इस फल की वजह से मुंबई में दहशत, विसरा रिपोर्ट का हो रहा इंतजार
परियोजना के मुख्य आकर्षण और कार्य
इस योजना के तहत चौराहों का केवल सौंदर्याकरण नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्गठन किया जाएगा। जिसमें चौराहों का विस्तार कर वाहनों के लिए अतिरिक्त लेन बनाई जाएंगी। यातायात को सुचारु बनाने के लिए हाई-टेक सिग्नल सिस्टम लगाए जाएंगे।
पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, फुटपाथ और स्पष्ट रोड मार्किंग की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से वाहनों को मोड़ने के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी, ताकि मुख्य मार्ग बाधित न हो। चालकों की सुविधा के लिए बड़े दिशा-सूचक बोर्ड और संकेतक लगाए जाएंगे।
चौराहों का तकनीकी सर्वेक्षण शुरू
- पीएमआरडीए ने इन चौराहों के विस्तृत अध्ययन के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल इनका तकनीकी सर्वेक्षण जारी है।
- योजना के अनुसार, कुछ स्थानों पर ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर काम शुरू होगा और रिपोर्ट के आधार पर अन्य सभी चौराहों पर चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जाएंगे, प्राधिकरण का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इन सभी कार्यों को पूरा करना है। पुणे-नाशिक हाईवे पर स्थित चाकण चौराहा अपनी भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या के लिए जाना जाता है, जहां यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ता है।
चाकण का नाम शामिल न करने की यह है मुख्य वजह
इस सूची में चाकण का नाम न होने पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वहां पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुधार कार्य किए जा रहे हैं, इसलिए उसे इस विशेष योजना में शामिल नहीं किया गया है।
2 वर्ष में चौराहों का काम पूरा करने का लक्ष्य
इन 17 महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक सुचार के लिए जरूरी उपायों का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त की जा रही है। एजेंसी की रिपोर्ट मिलने के बाद हम चरणबद्ध तरीके से काम शुरू करेंगे और अगले 2 वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का हमारा संकल्प है।
– शिवप्रसाद बागड़ी, पीएमआरडीए के मुख्य अभियंता
ये भी पढ़ें :- बनारस-हड़पसर अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ, यूपी-महाराष्ट्र रेल कनेक्टिविटी मजबूत
शहर के इन महत्वपूर्ण 17 चौराहों का होगा कायाकल्प
कान्हे फाटा, तालेगांव एस।एच। 55, कोरेगांव भीमा, डोणजे फाटा, गोलेवाड़ी चौक (डोणजे), पेरणे फाटा, लोणीकंद फाटा, केसनंद फाटा, शिक्रापुर, सिंबायोसिस लवले, नांदे चौक, थेऊर फाटा, पिरंगुट, गोडांबेवाड़ी, सासवड चौक, केसनंद गांव और वढू बुद्रुक शामिल है।
पिंपरी से नवभारत लाइव के लिए अमोल येलमार की रिपोर्ट
