तालाब और नदी सफाई में नई तकनीक की एंट्री, पुणे में ‘फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन’ का सफल परीक्षण
Pune Waste Management: पुणे मनपा ने जांभूलवाड़ी तालाब में जलकुंभी हटाने के लिए 'फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन' का सफल परीक्षण किया। महापौर मंजुषा नागपुरे ने आधुनिक तकनीक के कार्यों का निरीक्षण किया।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे के जांभूलवाड़ी तालाब (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Municipal Corporation Waste Management: पुणे शहर के तालाबों, नदियों और अन्य महत्वपूर्ण जलस्रोतों की सफाई को आधुनिक तकनीक से गति देने की दिशा में पुणे महानगरपालिका ने एक बेहद महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में जांभूलवाड़ी तालाब में अत्याधुनिक ‘फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन’ का पहला सफल प्रयोग किया गया।
जलाशयों में तेजी से फैलने वाली जलकुंभी यानी वॉटर हायसिंथ और अन्य हानिकारक जलीय खरपतवार को पूरी तरह से हटाने में यह मशीन बेहद कारगर और गेम चेंजर साबित हो सकती है। इस आधुनिक मशीन के इस्तेमाल से न केवल जलस्रोतों की सफाई का काम बेहद आसान और तीव्र होगा, बल्कि जल प्रदूषण नियंत्रण और जलीय जैव विविधता के संरक्षण में भी बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
जलकुंभी के फैलाव से पानी का प्रवाह होता है बाधित
जलकुंभी के बेकाबू फैलाव के कारण तालाबों और नदियों में पानी का स्वाभाविक प्रवाह पूरी तरह बाधित हो जाता है। इसके कारण पानी में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से कम हो जाता है, जो जलीय जीवों और मछलियों के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करता है। इसके अलावा, कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में यह जलकुंभी जलभराव, भयानक दुर्गंध और मच्छरों के पनपने की समस्या का सबसे बड़ा कारण बनती है, जिससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
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पारंपरिक तौर-तरीके छोड़ आधुनिक तकनीक का सहारा
इन गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से वैज्ञानिक ढंग से निपटने के लिए पुणे मनपा अब पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर इस आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। जांभूलवाड़ी तालाब में आयोजित इस विशेष प्रयोग के दौरान फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन ने पानी की सतह पर बेहद सुगमता से तैरते हुए जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियों को उखाड़ने तथा उन्हें बाहर निकालने की अपनी अद्भुत क्षमता का प्रदर्शन किया। इस मशीन की बनावट ऐसी है कि यह जलाशयों के बेहद गहरे और संकरे हिस्सों तक भी आसानी से पहुंचकर वहां जमा कचरे और खरपतवार की सफाई कर सकती है।
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प्रभावी तरीके से हो सकेगी सफाई
इस महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण के मौके पर महापौर मंजुषा नागपुरे ने स्वयं मौके पर पहुंचकर मशीन के लाइव कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया और उपस्थित तकनीकी अधिकारियों से इसकी पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के इस तरह के क्रांतिकारी उपयोग से अब शहर के सभी प्रमुख जलस्रोतों की सफाई अधिक व्यवस्थित, वैज्ञानिक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारे प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार करना पुणे महानगरपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन’ पर पुणे मनपा को भरोसा
इस कार्यक्रम में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त प्रजित नायर, वरिष्ठ नगरसेवक संदीप बेलदरे, राजेश ठाकुर देसाई, संतोष लांडगे सहित पुणे मनपा के कई उच्च अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। पुणे मनपा पिछले लंबे समय से शहर के तालाबों और नदियों के पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। अब इन अत्याधुनिक और स्वचालित मशीनों के उपयोग से जलाशयों की सफाई की पूरी प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, तेज, सुरक्षित और दूरगामी परिणाम देने वाली बनने की उम्मीद जग गई है।
मनपा अधिकारियों का दृढ़ता से मानना है कि यह ‘फ्लोटिंग स्पाइडर मशीन’ भविष्य में पुणे के सभी जल स्रोतों को पूरी तरह से स्वच्छ, सुरक्षित, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वच्छ जल स्रोत, स्वस्थ पर्यावरण और सतत विकास के बड़े लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह ठोस पहल पुणे मनपा का एक अत्यंत सराहनीय और प्रगतिशील कदम मानी जा रही है।
